
Issue of medical colleges raised in the House : शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने लोकसभा में हिमाचल प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों, MBBS एवं स्नातकोत्तर सीटों, डॉक्टरों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया।
सांसद द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 3439 का उत्तर 7 अगस्त 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दिया। सुरेश कश्यप ने लोकसभा में केंद्र सरकार से पूछा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में कितने सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर की कितनी सीटें उपलब्ध हैं तथा इनसे संबद्ध अस्पतालों की स्थिति क्या है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों तथा इनमें डॉक्टरों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वीकृत और कार्यरत पदों की जानकारी भी मांगी। सांसद ने पिछले तीन वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश में मेडिकल ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने वाले डॉक्टरों तथा उनमें से प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नियुक्त किए गए डॉक्टरों की जानकारी भी मांगी।
साथ ही प्रदेश में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने तथा मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए एवं प्रस्तावित कदमों का विवरण मांगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने लिखित उत्तर में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की जानकारी का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 7 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 846 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में एक निजी मेडिकल कॉलेज में 150 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार प्रदेश के कार्यरत मेडिकल कॉलेजों में कुल 996 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के संबंध में केंद्र सरकार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 307 PG सीटें तथा एक निजी मेडिकल कॉलेज में 93 PG सीटें उपलब्ध हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 400 PG मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल राज्य सूची का विषय हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
इसके बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करता है। हिमाचल प्रदेश को भी स्वास्थ्य कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्यों से प्राप्त Programme Implementation Plans (PIPs) के आधार पर सहायता प्रदान की जाती है। केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि CHC, PHC, Sub-Health Centres और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मचारियों और रिक्तियों से संबंधित जानकारी Health Dynamics of India 2023-24 में उपलब्ध है। वहीं पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में MBBS और MD/MS पाठ्यक्रम पूरा करने वाले डॉक्टरों की संख्या का विवरण केंद्र स्तर पर संधारित नहीं किया जाता है। सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। केंद्रीय मंत्री के जवाब के अनुसार, मौजूदा जिला/रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में चंबा, हमीरपुर और नाहन में तीन मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई और तीनों वर्तमान में कार्यशील हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...