Last Updated: November 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘गृह मंत्री जवाब देने को तैयार, आप सदन से भागिए मत’, सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज

August 11, 2026

‘गृह मंत्री जवाब देने को तैयार, आप सदन से भागिए मत’, सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज

नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें बिगड़ा हुआ शहजादा बताया है। उन्होंने कहा कि “होंगे राजे-राजकुमार, ये बिगड़े दिल शहजादे” जब जब सदन में एचएम और पीएम बोले, यह तब तब सदन छोड़कर भागे। भाजपा सांसद का यह तंज उस वक्त आया है, जब राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके मुद्दों के सामने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह सदन में उनके सामने खड़े नहीं हो सकते।

नई दिल्ली में मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सांसद ने दावा किया और राहुल गांधी को चुनौती दी है कि गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं, इसीलिए सदन छोड़कर आप न भागे। उन्होंने कहा कि जिनका इतिहास ही सदन छोड़ने का है उन्हें दूसरों पर उंगली नहीं उठानी चाहिए। राहुल गांधी को डरना नहीं चाहिए बल्कि सदन में गृहमंत्री का जवाब सुनना चाहिए।

रांची के छात्रों की गूंज उन्हें सुनाई नहीं दे रही

रांची में छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि रांची में अनुशासित, मर्यादित छात्र जो पूर्णतः गैर राजनीतिक, सामान्य, समुचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ जो व्यवहार हो रहा है वह अनुचित है। राहुल गांधी के कान पूरी तरह से बंद हैं। रांची के छात्रों की गूंज उन्हें सुनाई नहीं दे रही है। सत्र के दौरान सदन से भागते हैं और सत्र के बाद विदेश भागते हैं। यह स्वाभाविक है कि इस बार भी वे सत्र के बाद विदेश भागेंगे, लेकिन इससे पहले इतनी हिम्मत जुटाइए, इतना साहस जुटाइए और गृह मंत्री का वक्तव्य सुनकर जाइए।

उन्होंने विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब खड़गे जैसे सीनियर नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद संभाला और इससे पहले जब अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में विपक्ष के नेता थे, तब भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई। उस समय के बारे में सोचिए जब अरुण जेटली विपक्ष के नेता थे या अटल जी की सरकार के दौरान जब सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह विपक्ष में थे। क्या ऐसा नजारा पहले कभी देखा गया था।

संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी दौर में- भाजपा 

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी दौर में है। इस सत्र के बाद भारत अपनी आजादी के 80वें साल में प्रवेश करेगा। हालांकि इस सत्र के दौरान सदन में जो कुछ भी हो रहा है, वह निश्चित रूप से लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है। मेरा मानना ​​है कि हमारे संविधान निर्माताओं ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि कोई व्यक्ति, जो अहंकार और मनमानी के कारण किसी बिगड़े हुए राजकुमार की तरह व्यवहार करता हो, देश के सर्वोच्च सदन को बंधक बना लेगा। हमें ऐसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में हमने देखा है कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने व्यवहार से लगातार यह दिखाया है कि वे सदन में कोई सार्थक चर्चा नहीं होने देना चाहते।

उन्होंने लगातार अपनी मांगें बदली हैं। पहले, उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव किए जाने चाहिए, और उस मांग को मान लिया गया। उन्होंने कड़े कानूनों की मांग की, जैसा कि छात्रों ने चाहा था, और उसे भी स्वीकार कर लिया गया। कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी और एक नया बिल भी पेश किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उसे मान लिया गया। उन्होंने मांग की कि छात्रों से जुड़े केस वापिस लिए लिए जाएं। उसे भी मान लिया गया।

फिर सुधांशु त्रिवेदी ने मांग की कि गृह मंत्री सदन में आएं और बयान दें। उस मांग को भी मान लिया गया। अब जब गृह मंत्री सदन में आकर जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो वे संसद को काम क्यों नहीं करने दे रहे हैं। इससे पूर्व भी सदन में ऐसे कई अवसर रहे हैं, जब किसी विधेयक पर अंतिम जवाब दिया जाता है तो कांग्रेस पार्टी भाग खड़ी होती है। अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी का जवाब नहीं सुना, भाग खड़े हुए। मणिपुर पर पीएम मोदी का जवाब नहीं सुना, भाग खड़े हुए। अब मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं, गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं, आप सदन से भागिए मत।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें