
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद के मानसून सत्र में लगातार हुए हंगामे और कामकाज प्रभावित होने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में मौजूद रहकर विपक्ष की बात सुनने की मांग की।
संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित रही। इसी को लेकर खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को संसद में आकर सांसदों की बातें सुननी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर मंत्री सदन में आने के बजाय अपने कमरों में बैठेंगे, तो विपक्ष की बात कैसे सुनी जाएगी। खड़गे ने कहा कि सरकार को सदन में आकर विपक्ष की चिंताओं का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है और सरकार को लगता है कि संसद में उसकी बात ही अंतिम है। खड़गे ने कहा कि जनता लोकतंत्र में किसी भी अहंकार को स्वीकार नहीं करेगी।
खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ हवन की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज और देश को बांटने का काम करती हैं। खड़गे के मुताबिक, अगर किसी राजनीतिक दल की विचारधारा से जुड़े लोग धर्म के नाम पर किसी मंच का ‘शुद्धिकरण’ करते हैं, तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में भी भाजपा और विपक्षी दलों के बीच कई बार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मकर द्वार की सीढ़ियों पर दोनों पक्षों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। इससे संसद परिसर में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया। भाजपा सांसदों ने झारखंड में चल रहे विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इसके बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों के हाथ में एक खिलौना बंदर भी नजर आया और उन्होंने नारे लगाए। इस तरह मानसून सत्र का आखिरी दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक टकराव के साथ समाप्त हुआ।
मेष: दिन शुभ रहेगा...