कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में पंचायत और जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। जम्मू-कश्मीर स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने सरकार को बताया है कि अगर इस साल चुनाव कराना है तो अगस्त 2026 के अंत तक चुनाव कराने का फैसला लेना जरूरी होगा।
सूत्रों के मुताबिक, अगर अगस्त के बाद सरकार फैसला लेती है तो SEC के लिए सर्दियां शुरू होने से पहले चुनाव की तैयारियां पूरी करना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में पंचायत और DDC चुनाव मार्च-अप्रैल 2027 तक टल सकते हैं।
SEC के मुताबिक, अगर सरकार अगस्त के भीतर चुनाव कराने को लेकर फैसला कर लेती है तो आयोग जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करके अक्टूबर-नवंबर 2026 में पंचायत और DDC चुनाव करा सकता है। चुनाव से पहले आयोग को कई महत्वपूर्ण काम करने होंगे। इनमें वोटर लिस्ट में बदलाव, सीटों का आरक्षण और रोटेशन, चुनावी सामग्री की व्यवस्था और दूसरी कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं। दिसंबर से जम्मू-कश्मीर में ठंड और कई इलाकों में बर्फबारी शुरू हो जाती है। ऐसे में सर्दियों के दौरान चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
चुनाव की तैयारियों में सबसे अहम मुद्दों में से एक OBC आरक्षण है। पूर्व जस्टिस जनक राज कोटवाल की अध्यक्षता वाले OBC आयोग ने फरवरी 2025 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। हालांकि, सरकार ने अभी तक रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।
बताया जा रहा है कि SEC ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सरकार से दो बार संपर्क किया है। OBC आयोग की सिफारिशों पर फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर लोकल बॉडी चुनाव में OBC के लिए आरक्षण का ढांचा तय किया जाएगा। सरकार की ओर से इस पर फैसला होने के बाद ही वार्डों के आरक्षण और रोटेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, SEC ने चुनाव से जुड़ी कई तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। बैलेट बॉक्स सहित चुनावी सामग्री की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। हालांकि, आगे की प्रक्रिया सरकार की ओर से चुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।
SEC पंचायत और DDC चुनाव एक साथ कराने की तैयारी कर रहा है। दोनों संस्थाएं मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हैं। वहीं, म्युनिसिपल यानी शहरी निकायों के चुनाव बाद में कराए जाने की संभावना है। ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (BDC) का चुनाव पंचायत सदस्यों के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से होता है। इसलिए BDC चुनाव नई पंचायतों के गठन के बाद ही कराए जा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से कई स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं। पंचायतों और ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल का कार्यकाल 9 जनवरी 2024 को समाप्त हो गया था। वहीं, नगर निकायों का कार्यकाल अक्टूबर-नवंबर 2023 में खत्म हो गया था। DDC का कार्यकाल भी 24 फरवरी 2026 को पूरा हो चुका है। इस वजह से जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज व्यवस्था के तीनों स्तरों पर फिलहाल निर्वाचित प्रतिनिधि मौजूद नहीं हैं।
SEC की ओर से पंचायत चुनावों के लिए वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया भी की गई है। इस प्रक्रिया के बाद मतदाताओं की संख्या करीब 72.24 लाख पहुंच गई है। इसमें 3.39 लाख से ज्यादा नए मतदाता जुड़े हैं। अब चुनाव की पूरी प्रक्रिया सरकार के फैसले पर निर्भर है। अगर अगस्त के अंत तक फैसला हो जाता है तो अक्टूबर-नवंबर 2026 में चुनाव कराने की तैयारी आगे बढ़ सकती है। लेकिन अगर फैसला फिर टला, तो चुनाव मार्च-अप्रैल 2027 तक खिसकने की संभावना है।
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