कुल्लू के युवा इनोवेटर हितुल को मिला SAARC चर्चा में विशेष आमंत्रण
August 15, 2026
Hitul invited to SAARC discussion : कुल्लू। हिमालयी क्षेत्र में डिजिटल कृषि और सटीक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे युवा इनोवेटर हितुल अवस्थी को बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। SAARC एग्रीकल्चर सेंटर (SAC) ने उन्हें दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय चर्चा में ‘प्रिसिजन फार्मिंग’ विषय पर बतौर गेस्ट स्पीकर आमंत्रित किया है।
डिजिटल एग्रीकल्चर पहल ‘कृषि अपडेट्स’ के फाउंडर हितुल अवस्थी इस चर्चा में अपने अनुभव और कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े विचार साझा करेंगे। सितंबर 2026 से शुरू होने वाली इस हाई-लेवल समिट का विषय “प्रिसिजन फार्मिंग की संभावनाएं और क्षमताएं” है। साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन (SAARC) सचिवालय की देखरेख में आयोजित इस चर्चा में SAARC के आठ सदस्य देशों के फोकल पॉइंट अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्माता और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसमें हितुल अवस्थी 20 मिनट का खास भाषण देंगे।
छोटे किसानों तक पहुंचेगी डेटा आधारित खेती
इसमें ‘कृषि अपडेट्स डिजिटल एग्रीकल्चर मॉडल’ के व्यावहारिक और फील्ड-टेस्टेड तरीकों पर ज़ोर दिया जाएगा। हितुल अवस्थी ने कहा, “प्रिसिजन फार्मिंग सिर्फ़ बड़े पैमाने पर खेती करने वाले उद्योगों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। दक्षिण एशिया जैसे क्षेत्रों में, असली डीकार्बोनाइज़ेशन तब होता है जब छोटे किसानों को स्थानीय और डेटा-आधारित जानकारी मिलती है, जिससे पानी, खाद और फसल सुरक्षा के साधनों का सही इस्तेमाल हो सके।” उन्होंने आगे कहा, “मैं SAARC समुदाय के सामने ‘कृषि अपडेट्स’ का फ्रेमवर्क पेश करने के लिए उत्साहित हूँ। मैं दिखाऊंगा कि कैसे डिजिटल कनेक्टिविटी खेती से होने वाली कमाई को बढ़ाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता (क्लाइमेट रेजिलिएंस) भी विकसित कर सकती है।”