Last Updated: October 2, 2026

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ईशान कोण में रखें ये 4 चीजें, वास्तु के अनुसार घर में बढ़ सकती है सुख-समृद्धि

August 16, 2026

ईशान कोण में रखें ये 4 चीजें, वास्तु के अनुसार घर में बढ़ सकती है सुख-समृद्धि

धर्म डेस्क : वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसी वजह से इस हिस्से को साफ-सुथरा रखने और यहां शुभ वस्तुएं रखने की सलाह दी जाती है।

अगर आप भी वास्तु की मान्यताओं के अनुसार घर में सकारात्मक माहौल और समृद्धि बढ़ाना चाहते हैं, तो ईशान कोण में कुछ विशेष वस्तुएं रख सकते हैं। हालांकि, इन उपायों को धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए।

1. भगवान शिव की प्रतिमा या गुरु यंत्र

वास्तु मान्यताओं के अनुसार ईशान दिशा का संबंध भगवान शिव और देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है। इसलिए इस दिशा में भगवान शिव की प्रतिमा अथवा गुरु यंत्र रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और व्यक्ति के करियर तथा आर्थिक जीवन में अनुकूलता आ सकती है।

2. शंख

शंख को धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है और इसे भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है। वास्तु परंपरा में ईशान कोण में शंख रखने को भी सकारात्मक माना गया है। इसे स्वच्छ स्थान पर रखकर नियमित रूप से पूजा करने की मान्यता है। धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा में रखे शंख का उपयोग सामान्य तौर पर अन्य कार्यों के लिए नहीं किया जाता।

3. जल से भरा कलश

हिंदू धार्मिक परंपरा में कलश को मंगल और दैवीय ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। ईशान कोण में कलश रखने की भी वास्तु में सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है। कलश रखते समय उसकी स्वच्छता और उचित देखभाल का भी ध्यान रखना चाहिए।

4. श्रीफल

नारियल यानी श्रीफल का धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष महत्व है। इसे शुभता, समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार ईशान कोण में श्रीफल रखने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का वातावरण बना रह सकता है।

ईशान कोण को क्यों माना जाता है खास?

वास्तु शास्त्र में उत्तर और पूर्व दिशाओं के संगम वाले हिस्से को ईशान कोण कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसलिए इस हिस्से को साफ, व्यवस्थित और अनावश्यक सामान से मुक्त रखने की सलाह दी जाती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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