Last Updated: October 26, 2026

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हैम रेडियो आपदा के समय वैकल्पिक संचार का विश्वसनीय माध्यम : उपायुक्त अपूर्व देवगन

August 20, 2026

हैम रेडियो आपदा के समय वैकल्पिक संचार का विश्वसनीय माध्यम : उपायुक्त अपूर्व देवगन

मंडी: हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के संयुक्त तत्वावधान में डीआरडीए सभागार मंडी में “हैम रेडियो—आपातकालीन स्थितियों और आपदाओं के दौरान वैकल्पिक संचार” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने किया।

उपायुक्त ने कहा कि आपदा के समय संचार व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक होती है। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने, भारी बर्फबारी जैसी आपदाओं के दौरान सड़क, बिजली और दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में हैम रेडियो जैसे वैकल्पिक संचार माध्यम प्रशासन, राहत एवं बचाव एजेंसियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षण में भाग ले रहे प्रतिभागियों से प्राप्त तकनीकी ज्ञान और कौशल का अधिक से अधिक उपयोग आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में प्रशिक्षित हैम रेडियो ऑपरेटरों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

प्रशिक्षण में 35 लाइसेंसधारी प्रतिभागी ले रहे भाग

20 से 22 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी सहित लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, कुल्लू और हमीरपुर जिलों के करीब 35 लाइसेंसधारी प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इनमें मंडी से 20, लाहौल-स्पीति से 4, बिलासपुर से 3, कुल्लू से 6 तथा हमीरपुर से 1 कांगड़ा से 1 प्रतिभागी शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हैम रेडियो संचालन, आपातकालीन संचार व्यवस्था, रेडियो संचार प्रोटोकॉल, संचार तकनीक, उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग तथा आपदा के दौरान प्रभावी वैकल्पिक संचार व्यवस्था स्थापित करने से संबंधित जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण में एमेच्योर रेडियो भारत (ऑस्कर इंडिया) से नीलकंठ चटर्जी, विल्किस वॉल्टर जैम्स और सयानी डे प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। प्रशिक्षक नीलकंठ चटर्जी ने बताया कि जब आपदा के दौरान पारंपरिक संचार नेटवर्क बाधित या पूरी तरह ठप हो जाते हैं, तब हैम रेडियो महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एंटीना से लेकर सैटेलाइट आधारित संचार तक विभिन्न तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी संचार स्थापित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में पारंपरिक संचार माध्यमों के बाधित होने पर हैम रेडियो एक विश्वसनीय वैकल्पिक संचार प्रणाली के रूप में कार्य कर सकता है। सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

📍 Location: Mandi (Mandi)

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