
Nepal flood: विदेश मंत्रालय ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बारे में जानकारी दी है कि भोटे कोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद से 290 भारतीय लापता हैं। इस बाढ़ ने हिमालयी देश में तबाही मचा दी है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि रसुवा जिले में त्रिशुली-वन परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय श्रमिक भी प्रभावित हुए हैं, जिनमें तमिलनाडु के 21 भारतीय शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे।
बचाए गए भारतीय नागरिकों की सूची जारी
विदेश मंत्रालय ने बचाए गए भारतीय नागरिकों की सूची भी जारी की है। सूची में सुमित कुमार खरे, मुकेश कुमार, सचिन कुमार, जसमंत सिंह, चंदन तिवारी, देवन कुमार शाह, अमरेंद्र कुमार यादव, ओम प्रकाश यादव, संपत कुमार, नीरज कुमार ठाकुर, जय हांसदा, सुनील कुमार सिंह, उपेंद्र बरनमल, राहुल कुमार गुप्ता, नीरज कुमार पटेल, सनोवर आलम, उपेंद्र भासिन, योगेश कुमार, मोहम्मद अकरम आलम शामिल हैं। एमडी इंजमामुल हक, अभिषेक कुमार, अभिषेक यादव, मंगल सिंह, पंकज कुमार शाह, नीलेश कुमार, आशुतोष मनकोपाध्याय, लक्ष्मण तिवारी और गांगुली पटेल के नाम शामिल हैं।
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ये लोग भी बचाए गए
इंद्रजीत कुमार, ज्ञान सिंह, जय कृष्ण, शाहरुख, निपिंदर मंडल, सद्दाम हुसैन, राज कुमार तिवारी, आलोक कुमार शाह, अरुण कुमार शाह, सत्येन्द्र कुमार सिंह, बिट्टू कुमार, आदि अबेद बसुमतारी, केके पांडे, अभिषेक तिवारी, आकाश, प्रदीप, रंजन कुमार, पवन लोधी, अनिल, विजय प्रसाद, नारायण बहादुर, जन्मेजय सिंह, सुनील गिरी, रोशन कुमार, विशमर सिंह, सुहैल मुस्तफा, नीलेश, प्रमोद गुप्ता, जीतेन्द्र राम, नितेश कुमार सिंह, निजाउदीन, कवि कुमार, रोहित वर्मा।
ये जिले हुए प्रभावित
रसुवा और नुवाकोट बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से हैं। माना जा रहा है कि यह बाढ़ नेपाल और चीन के बीच स्थित सीमावर्ती नदी, भोटे कोशी नदी के ऊपरी हिस्से में हिमस्खलन के कारण आई थी। नेपाल पुलिस ने बताया कि कुल 644 लोग लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।