Last Updated: October 26, 2026

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हिमाचल के तीन जिलों में शुरू होंगे ‘Mobile Resource Centre – Therapy on Wheels’

August 28, 2026

हिमाचल के तीन जिलों में शुरू होंगे ‘Mobile Resource Centre – Therapy on Wheels’

शिमला: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा, थेरेपी एवं विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश और सांफिया फाउंडेशन के बीच ‘Mobile Resource Centre – Therapy on Wheels’ के संचालन हेतु समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षरित किया गया। यह पहल समग्र शिक्षा के Inclusive Education Component के अंतर्गत शुरू की जा रही है।

MOU पर समग्र शिक्षा के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा तथा सांफिया फाउंडेशन की फाउंडर एवं निदेशक डॉ. श्रुति भारद्वाज ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर राज्य समन्वयक प्रतिभा बाली तथा कार्यक्रम प्रबंधक बीजू हिमदल भी उपस्थित रहे।

राजेश शर्मा ने कहा कि समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विभाग का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को केवल विद्यालयी शिक्षा से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक, थेरेपी, पुनर्वास एवं अन्य विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए Mobile Resource Centre एक प्रभावी माध्यम साबित होगा, जिसके जरिए विशेषज्ञ सेवाओं को बच्चों के निकट पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश द्वारा तीन बसें खरीदी गई हैं, जिन्हें ‘Mobile Resource Centre – Therapy on Wheels’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन बसों को आवश्यक थेरेपी सुविधाओं, उपकरणों एवं अन्य संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।

मंडी, शिमला और कांगड़ा में शुरू होगी सेवा

प्रारंभिक चरण में तीनों Mobile Resource Centres का संचालन मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों में किया जाएगा। इनके माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, विशेष शिक्षा, असेसमेंट, काउंसलिंग तथा अन्य पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान एवं स्क्रीनिंग, आवश्यकता-आधारित असेसमेंट, जागरूकता, प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षकों, विशेष शिक्षकों एवं अभिभावकों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि बच्चों को विद्यालय एवं समुदाय दोनों स्तरों पर निरंतर सहयोग मिल सके। मोबाइल रिसोर्स सेंटर विशेष रूप से उन विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक सेवाएं पहुंचाने में सहायक होंगे, जो भौगोलिक दूरी, परिवहन संबंधी कठिनाइयों या अन्य कारणों से नियमित रूप से विशेषज्ञ सेवाओं तक नहीं पहुंच पाते।

एक वर्ष के लिए संचालित होगी परियोजना

‘Mobile Resource Centre – Therapy on Wheels’ का उद्देश्य केवल थेरेपी सेवाएं उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक भागीदारी, कार्यात्मक क्षमताओं, संचार कौशल, आत्मनिर्भरता एवं समग्र विकास को बढ़ावा देना है। यह पहल पहचान एवं स्क्रीनिंग से लेकर असेसमेंट, जागरूकता, प्रशिक्षण, थेरेपी, पुनर्वास एवं फॉलो-अप तक आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने की दिशा में एक समग्र प्रयास होगी। राजेश शर्मा ने बताया कि परियोजना प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए संचालित की जाएगी। परियोजना के दौरान प्राप्त अनुभव, परिणाम एवं आवश्यकताओं के आधार पर भविष्य में इन सेवाओं को अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

सांफिया फाउंडेशन की फाउंडर एवं निदेशक डॉ. श्रुति भारद्वाज ने कहा कि समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के साथ यह साझेदारी मोबाइल थेरेपी एवं पुनर्वास सेवाओं को जरूरतमंद विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से ऐसे बच्चों तक सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी, जो विभिन्न कारणों से नियमित रूप से थेरेपी एवं विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ नहीं ले पाते। समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश की यह पहल राज्य में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुलभ, समावेशी, आवश्यकता-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने तथा प्रत्येक बच्चे की शिक्षा एवं विकास में पूर्ण एवं प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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