Suryakumar Yadav: भारतीय क्रिकेट टीम को अपनी कप्तानी में टी20 विश्व कप 2026 जिताने वाले सूर्यकुमार यादव फिलहाल टीम से बाहर चल रहे हैं। टीम में वापसी के लिए वह फिटनेस और फॉर्म पर लगातार मेहनत कर रहे हैं। सितंबर में 36 साल के होने जा रहे सूर्यकुमार अपनी उम्र को वापसी की राह में बाधा नहीं मानते। उनका मानना है कि सही तैयारी उम्र से ज्यादा मायने रखती है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर सूर्यकुमार यादव ने आईएएनएस से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत में बदलते खेल के माहौल, क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों के एथलीटों के लिए बढ़ते अवसर और क्रिकेटरों की जिम्मेदारी जैसे कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर सूर्यकुमार ने कहा कि भारतीय टीम की जर्सी पहनना उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ी सिर्फ 11 या 15 खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि करीब 1.4 अरब भारतीयों के सपनों को अपने साथ लेकर चलते हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय खेल दिवस उन्हें देश की भावना के साथ मैदान पर उतरने की याद दिलाता है।
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क्रिकेट के प्रभाव को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि क्रिकेटरों की जिम्मेदारी है कि वे दूसरे खेलों को भी बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि भारत में क्रिकेट को बहुत प्यार मिला है और इस खेल ने क्रिकेटरों को बहुत कुछ दिया है। ऐसे में अगर कोई क्रिकेटर सोशल मीडिया पर किसी दूसरे खेल या खिलाड़ी के बारे में पोस्ट करता है, तो उससे उस खेल को करोड़ों लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आखिरकार सभी खिलाड़ी पहले टीम इंडिया का हिस्सा हैं।
युवाओं को संदेश देते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि किसी को भी अपनी तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति की कहानी अलग होती है। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने एज ग्रुप और घरेलू क्रिकेट में लंबा समय बिताया, बस और ट्रेन से सफर किया और अपने किट बैग के साथ मौके का इंतजार किया। उनके मुताबिक, सफलता के लिए उम्र नहीं बल्कि तैयारी, स्किल्स और लगातार प्रक्रिया पर काम करना जरूरी है।
भारत में खेल के बदलते माहौल पर सूर्यकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और TOPS जैसी पहलों के साथ नई अकादमियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब छोटे और बड़े शहरों के खिलाड़ियों को मैदान, कोचिंग और फंडिंग के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उनके अनुसार, लोगों की सोच भी बदली है और अब खेल को करियर के रूप में देखा जाने लगा है।
एलए 2028 ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी को सूर्यकुमार ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी क्रिकेटरों के लिए बेहद खास होगी। उनके मुताबिक, ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतकर दूसरे खेलों के एथलीटों के साथ पोडियम पर खड़ा होना अलग तरह का गौरव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक में शामिल होने से क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा और ज्यादा देश इस खेल में निवेश करेंगे।
टी20 विश्व कप 2026 की जीत को याद करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि उस रात के एहसास को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि बचपन में जब वह गली क्रिकेट खेलते थे, तब भारत के लिए खेलने और विश्व कप जीतने का सपना देखते थे। उनके मुताबिक, विश्व कप जीतना सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि उन सभी कोचों, दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मेहनत और दुआओं का नतीजा था, जिन्होंने उनके सफर में साथ दिया।
सूर्यकुमार ने विश्व कप जीत को अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन पल बताया। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी बाकी है। उन्होंने 2028 ओलंपिक और टी20 विश्व कप का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के लिए विश्व कप जीतना किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए बेहद खास होता है और इसकी भावना हमेशा उनके साथ रहती है।