Last Updated: October 24, 2026

Dainik Savera Times Logo

भाद्रपद पंचमी पर बाबा महाकाल का अलौकिक शृंगार, भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु

September 2, 2026

भाद्रपद पंचमी पर बाबा महाकाल का अलौकिक शृंगार, भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर, बुधवार तड़के बाबा महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार किया गया। इस अलौकिक दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। बाबा के दर्शन होते ही पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठा।

बुधवार तड़के परंपरा के अनुसार भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही मंदिर में मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच पूजा-अर्चना शुरू हुई। सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से बाबा का अभिषेक किया गया।

पूजा की विशेष परंपराओं के तहत प्रथम घंटाल बजाकर बाबा महाकाल को हरिओम जल अर्पित किया गया। इसके बाद कपूर आरती हुई और बाबा महाकाल को मुकुट धारण कराया गया। शृंगार के दौरान बाबा को चांद, चंदन और सूखे मेवों से आकर्षक रूप में सजाया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।

भस्म अर्पण के बाद झांझ-मंजीरों, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती शुरू हुई। मंदिर के पुजारी ने विधि-विधान के साथ महाआरती संपन्न कराई। आरती के दौरान मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए और अपने आराध्य के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।

परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही वजह है कि भस्म आरती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था रहती है। बाबा महाकाल की इस दिव्य आरती में शामिल होने और उनके दर्शन पाने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें