Last Updated: November 5, 2026

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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 12 लोग बचाए गए, 7 की मौत; कितने लोग अभी भी मलबे में फंसे?

September 7, 2026

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 12 लोग बचाए गए, 7 की मौत; कितने लोग अभी भी मलबे में फंसे?

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे की जगह से अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 7 लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव दल मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे से एक और व्यक्ति को बाहर निकाला गया, जिसके बाद बचाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। इनमें से 5 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मलबे में एक और व्यक्ति के होने की आशंका

नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के इंस्पेक्टर जनरल नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि मलबे में एक और व्यक्ति के दबे होने की आशंका है। बचाव दल उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। बताया गया कि वह व्यक्ति संभवतः बेहोश है। बुंदेला के अनुसार, अब तक 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है। इनमें से 6 लोगों को बाद में मृत घोषित किया गया, जबकि एक अन्य शव को बाहर निकालने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि NDRF और फायर सर्विस की टीमें लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं।

 NDRF की दो टीमें मौके पर

NDRF के IG ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई थी। मौके पर NDRF की दो टैक्टिकल टीमें राहत और बचाव अभियान में लगी हुई हैं। दिल्ली फायर सर्विस की टीमें भी उनके साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हादसे को गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री ने घटना के बाद मौके का दौरा किया था और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए थे।

20 मिनट में तैनाती का प्रोटोकॉल

NDRF के रिस्पॉन्स टाइम के बारे में बुंदेला ने बताया कि बल के लिए एक तय प्रोटोकॉल है। इसके तहत किसी घटना की सूचना मिलने के बाद टीम को 20 मिनट के अंदर अपने बेस से रवाना होना होता है। उन्होंने बताया कि देशभर में कई स्थानों की पहचान की गई है, जहां NDRF की टीमें 24 घंटे और सातों दिन स्टैंडबाय पर रहती हैं। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में जल्द से जल्द बचाव दल को मौके पर भेजना है।

पूरे दिन चल सकता है रेस्क्यू ऑपरेशन

बुंदेला ने कहा कि फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि बचाव अभियान कब तक पूरा होगा, क्योंकि घटनास्थल पर अभी काफी मलबा मौजूद है। उन्होंने अनुमान जताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे दिन चल सकता है। मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए रेस्क्यू डॉग्स की भी मदद ली जा रही है।

कितने लोग अभी भी फंसे हैं, इसकी जानकारी नहीं

NDRF के IG ने साफ किया कि फिलहाल यह बताना संभव नहीं है कि मलबे के अंदर कितने लोग और फंसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 12 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन मलबे में फंसे लोगों की कोई पक्की संख्या उपलब्ध नहीं है। इसलिए बचाव दल मलबे को सावधानी से हटाकर लगातार अंदर लोगों की तलाश कर रहे हैं। फिलहाल NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

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