Last Updated: November 4, 2026

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ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आएंगे पुतिन, 11 सितंबर को PM मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय बैठक

September 8, 2026

ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आएंगे पुतिन, 11 सितंबर को PM मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय बैठक

नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर आएंगे। सम्मेलन से पहले 11 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे और पीएम मोदी के साथ बैठक की पुष्टि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को की। उन्होंने कहा कि रूस भारत को अपने प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में से एक मानता है और दोनों देशों के संबंध मॉस्को के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।पेस्कोव ने भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस भारत के साथ अपने रिश्तों को विशेष महत्व देता है और दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है।

नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर हो सकती है बातचीत

पुतिन और मोदी की बैठक में भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। पेस्कोव ने कहा कि रूस भारत के साथ इस क्षेत्र में आगे बातचीत का इंतजार कर रहा है। उन्होंने रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की ओर से प्रस्तावित 100 प्रतिशत टैरिफ को भी लेकर रूस का रुख सामने रखा। पेस्कोव ने इस प्रस्ताव को अवैध और अस्वीकार्य बताया।

ब्रिक्स को लेकर रूस का रुख

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर पेस्कोव ने कहा कि यह संगठन किसी एक देश के खिलाफ नहीं है। रूस का कहना है कि ब्रिक्स का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और आर्थिक एवं रणनीतिक मुद्दों पर मिलकर काम करना है।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी हो सकती है चर्चा

पीएम मोदी और पुतिन की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठने की संभावना है। दोनों नेता युद्ध की मौजूदा स्थिति और इसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा, गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो सकती है। रूस का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र की घटनाओं का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में बैठक में इसके आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों पर भी विचार किया जा सकता है। पुतिन का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।

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