Last Updated: October 25, 2026

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न सत्ता का दुरुपयोग काम आया, न साजिशें, लोकतंत्र जीता, तानाशाही हारी: जयराम ठाकुर

September 10, 2026

न सत्ता का दुरुपयोग काम आया, न साजिशें, लोकतंत्र जीता, तानाशाही हारी: जयराम ठाकुर

शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद अध्यक्ष के पद पर भूपेंद्र सिंह सिसोदिया और उपाध्यक्ष के पद पर भारत सिंह कलांटा की जीत पर बधाई दी। शिमला से जारी बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को जमकर घेरा। जयराम ठाकुर ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री के सत्ता का दुरुपयोग और हथकंडे काम आए और न ही उनकी एक भी साजिश कामयाब हुई। बस मुख्यमंत्री का संविधान और लोकतंत्र विरोधी चेहरा बेनकाब हुआ। प्रदेश में लोकतंत्र और संविधान की जीत हुई है, तानाशाही हारी है।

मुख्यमंत्री को पंचायत चुनाव में कदम दर कदम मिली हार से सबक लेना चाहिए। वह न सिर्फ जनता की अदालत में हारे, बल्कि अपने संविधान विरोधी तानाशाही फैसलों की वजह से न्यायालय में भी मुंह की खाए। उन्हें इस हार से यह समझ लेना चाहिए कि व्यवस्था लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान के हिसाब से चलेगी, उनकी तानाशाही और तुगलकशाही के हिसाब से नहीं। मुख्यमंत्री के पास अब जितनी भी ऊर्जा और समय बचा है, वह मनमानी के नियम बनाकर कानूनी लड़ाई में लगाकर मुंह की खाने के बजाय प्रदेश हित में लगाएं। सिर्फ पंचायती राज और स्थानीय निकाय के चुनाव में ही मुख्यमंत्री एक दर्जन से ज्यादा बार न्यायालय में सरकार की फजीहत करवा चुके हैं। आज शिमला जिला परिषद के चुनाव भी माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित की गई तारीख पर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री का बस चलता तो यह चुनाव न जाने कब करवाते।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू सत्ता का सेमीफाइनल बुरी तरह हार चुके हैं। पंचायती चुनाव का जनादेश कांग्रेस के सिर्फ खिलाफ नहीं गया, बल्कि कांग्रेस को साफ कर गया है। हाथ में संविधान की किताब लहराने और खुद को लोकतांत्रिक बताने भर से कुछ नहीं होता, उसके लिए लोकतंत्र का सम्मान व्यवहार में भी लाना पड़ता है। इसलिए वह जनादेश और संविधान का सम्मान करना सीखें।

हिमाचल प्रदेश के 11 जिलों में हुए जिला परिषद के चुनाव में 10 जिलों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत हुई है। ज्यादातर जगहों पर कांग्रेस को नामांकन दाखिल करने के लिए प्रत्याशी तक नहीं मिला। आने वाले चुनाव में कांग्रेस की इससे भी बड़ी दुर्गति तय है। कल 25 जिला परिषद सदस्यों में से 13 भारतीय जनता पार्टी के थे और 12 कांग्रेस के, इसके बाद भी उपाध्यक्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विजेता प्रत्याशी को 14 वोट मिले। इससे साफ है कि कांग्रेस अपना घर भी नहीं संभाल पाई। इसका कारण भी स्पष्ट है कि कांग्रेस जनता का भरोसा खो चुकी है।

चुनाव से पूर्व चंडीगढ़ में बनी रणनीति से चारों खाने चित हुई कांग्रेस

शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के पहले चंडीगढ़ में जयराम ठाकुर के साथ चुनाव की रणनीति की रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान भाजपा समर्थित सभी जिला परिषद सदस्य, शिमला जिले के राजनेता एवं पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सरकार द्वारा सभी सदस्यों को प्रताड़ित करने के लिए विभिन्न प्रकार से दबाव बनाया गया, तरह-तरह के मामलों में फंसाने की कोशिश की गई। सरकार का एक भी हथकंडा काम नहीं आया। सरकार, मुख्यमंत्री और उनका तंत्र भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्यों को लाख कोशिशों के बाद भी डिगा नहीं पाया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों का साथ देने वाले सभी जिला परिषद सदस्यों का आभार जताया।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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