Last Updated: November 4, 2026

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PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को गिफ्ट की ‘थिरुक्कुरल’, जानिए क्यों खास है ये तमिल ग्रंथ

September 11, 2026

PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को गिफ्ट की ‘थिरुक्कुरल’, जानिए क्यों खास है ये तमिल ग्रंथ

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को द्विपक्षीय बातचीत हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को प्रसिद्ध तमिल ग्रंथ थिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण उपहार के रूप में दिया।

पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे। भारत इस सम्मेलन की मेजबानी 12 और 13 सितंबर को कर रहा है। दिल्ली पहुंचने पर रूस के राष्ट्रपति का स्वागत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया।

क्या है थिरुक्कुरल?

थिरुक्कुरल, जिसे तिरुक्कुरल भी कहा जाता है, प्राचीन और प्रसिद्ध तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण रचना है। इसका श्रेय महान कवि और संत थिरुवल्लुवर को दिया जाता है। इस ग्रंथ में कुल 1,330 दोहे हैं। इनमें नैतिक जीवन, अच्छे आचरण, शासन, धन और प्रेम जैसे विषयों पर सरल और सार्वभौमिक संदेश दिए गए हैं। इसकी शिक्षाओं को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है- अरम (सदाचार), पोरुल (धन और राजकाज) और इनबम (प्रेम)।

थिरुक्कुरल को तमिल समाज में बहुत सम्मान प्राप्त है और इसे कई बार “तमिल वेद” भी कहा जाता है। विद्वानों के अनुसार, यह दुनिया के महत्वपूर्ण सूक्ति साहित्य में शामिल है और इसकी शिक्षाएं किसी एक धर्म, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं हैं।

 

भारत-रूस संबंधों पर अहम बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बातचीत में भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के रिश्तों को “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” बताया है। दोनों नेताओं की बातचीत में आर्थिक और औद्योगिक सहयोग भी महत्वपूर्ण मुद्दा रहा।

भारत और रूस का लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 60 अरब डॉलर के स्तर पर है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले चार वर्षों में व्यापार में लगभग 40 अरब डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि करनी होगी और लगातार दोहरे अंक की सालाना वृद्धि बनाए रखनी होगी।

BRICS में 11 देश शामिल

वर्तमान में BRICS में 11 सदस्य देश हैं- ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। भारत सरकार के अनुसार, BRICS के सदस्य देश मिलकर दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक GDP और करीब 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भारत की मौजूदा BRICS अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, तेजी से बदलती तकनीक, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत का लक्ष्य BRICS के बढ़े हुए स्वरूप को व्यावहारिक सहयोग और ठोस परिणामों में बदलना है। साथ ही, अलग-अलग सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने और संगठन के मौजूदा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर भी भारत का जोर है।

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