Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

Ganesh Chaturthi 2026: आज के दिन इस समय भूलकर भी न देखें चांद, जानें पौराणिक मान्यता

September 14, 2026

Ganesh Chaturthi 2026: आज के दिन इस समय भूलकर भी न देखें चांद, जानें पौराणिक मान्यता

Ganesh Chaturthi 2026: आज 14 सितंबर 2026 को देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर घर में सुख-समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति की कामना करते हैं। हालांकि गणेश चतुर्थी पर एक खास धार्मिक मान्यता के कारण चंद्रमा के दर्शन करने से बचने की सलाह दी जाती है।

मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन करने से मिथ्या दोष या कलंक लग सकता है। इसी वजह से भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को कई स्थानों पर कलंक चतुर्थी या पत्थर चौथ के नाम से भी जाना जाता है।

14 सितंबर को कब होगा चंद्रोदय?

उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार, 14 सितंबर को चंद्रोदय सुबह करीब 9:06 बजे हुआ है, जबकि चंद्रास्त रात करीब 8:06 बजे होगा। हालांकि दिन के उजाले में चंद्रमा दिखाई देना जरूरी नहीं है और शाम के समय आसमान में इसके नजर आने की संभावना अधिक हो सकती है।

गणेश चतुर्थी पर धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में चंद्रमा को देखने से बचना चाहिए।

अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय

शहर के अनुसार चंद्रमा के उदय और अस्त होने के समय में कुछ अंतर हो सकता है। दिए गए विवरण के मुताबिक प्रमुख शहरों के समय इस प्रकार हैं:

नई दिल्ली: सुबह 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक
नोएडा: सुबह 9:01 बजे से रात 8:08 बजे तक
पटना: सुबह 8:24 बजे से शाम 7:41 बजे तक
लखनऊ: सुबह 8:44 बजे से शाम 7:56 बजे तक
मुंबई: सुबह 9:07 बजे से रात 8:41 बजे तक
जम्मू: सुबह 9:18 बजे से रात 8:11 बजे तक
जयपुर: सुबह 9:05 बजे से रात 8:17 बजे तक
चंडीगढ़: सुबह 9:07 बजे से रात 8:06 बजे तक
वाराणसी: सुबह 8:33 बजे से शाम 7:50 बजे तक
कोटा: सुबह 9:02 बजे से रात 8:19 बजे तक
हैदराबाद: सुबह 8:41 बजे से रात 8:04 बजे तक
कोलकाता: सुबह 7:07 बजे से शाम 7:32 बजे तक
कानपुर: सुबह 8:45 बजे से शाम 7:59 बजे तक

गणेश चतुर्थी पर कब तक चंद्र दर्शन से बचें?

पंचांग में दिए गए विवरण के अनुसार, नई दिल्ली के समय के आधार पर सुबह 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक चंद्र दर्शन वर्जित माना गया है। अलग-अलग स्थानों पर समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

चांद देखने से क्यों लगता है कलंक?

धार्मिक मान्यताओं में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को अशुभ माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन चंद्रमा को देखने वाले व्यक्ति पर मिथ्या आरोप या कलंक लगने का दोष हो सकता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण पर भी स्यमन्तक मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। इसी कथा से गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से जुड़े मिथ्या दोष की मान्यता को जोड़ा जाता है।

गलती से चांद दिख जाए तो क्या करें?

अगर गणेश चतुर्थी के दिन अनजाने में चंद्रमा के दर्शन हो जाएं, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश की पूजा और स्तुति करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान स्यमन्तक मणि से जुड़ी कथा का पाठ भी किया जाता है।

एक प्रचलित मान्यता के अनुसार, गलती से चंद्र दर्शन होने पर चंद्रमा की दिशा में पत्थर या कंकड़ फेंकने के बाद भगवान गणेश की आराधना की जाती है।

इसके अलावा इस मंत्र का जाप करने की भी परंपरा बताई गई है:

“सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥”

ये भी पढ़ें…

धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है यह परंपरा

गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से जुड़े नियम धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके पालन को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में कुछ अंतर भी मिल सकता है। इसलिए पूजा और व्रत से जुड़े निर्णय लेते समय अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग या स्थानीय पुरोहित की सलाह को महत्व देना बेहतर है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें