मोगा। धान की पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने और पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने मोगा जिले में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (सुपर एसएमएस) के बिना कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है। आदेश के तहत कोई भी कंबाइन मालिक सुपर एसएमएस सिस्टम लगाए बिना अपनी कंबाइन मशीन से धान की कटाई नहीं कर सकेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिले में सुपर एसएमएस से लैस कंबाइन हार्वेस्टर से ही धान की कटाई की अनुमति होगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस संबंध में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से फसल अवशेषों को आग लगाने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं कि राज्य में कोई भी हार्वेस्टर कंबाइन सुपर एसएमएस के बिना धान की कटाई के लिए न चलाई जाए।
उन्होंने बताया कि सुपर एसएमएस सिस्टम कंबाइन से निकलने वाली धान की पराली को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में समान रूप से फैलाने में मदद करता है। इससे खेत में ही फसल अवशेषों के प्रबंधन को आसान बनाया जा सकता है और पराली को जलाने की आवश्यकता कम होती है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की ओर से भी सेल्फ प्रोपेल्ड कंबाइन हार्वेस्टरों में सुपर एसएमएस लगाने की सिफारिश की गई है।
सागर सेतिया ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों और कंबाइन मालिकों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन संबंधी सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और पर्यावरण संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।
📍 Location: मोगा