Farmers Block Railway Track in Moga : मोगा। किसान और मजदूरों से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों के लिए किसान संगठनों ने गुरुवार को मोगा के गांव महेशरी संधुआं में रेलवे ट्रैक जाम कर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना लगाकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। रेलवे ट्रैक जाम किए जाने के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। धरने के दौरान भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के नेता जगमोहन ने कहा कि किसान पिछले करीब तीन वर्षों से अपनी मांगें सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार सरकार की ओर से किसान संगठनों के साथ बैठकर गंभीरता से बातचीत करने की पहल नहीं की जा रही।
उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों और मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए बातचीत का रास्ता खोलना चाहिए। जगमोहन ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी शामिल है। किसानों को उनकी फसलों की लागत के अनुसार उचित दाम मिलना चाहिए और सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए।
किसान नेता बलवंत सिंह बहरमके ने भी किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों के साथ-साथ मजदूरों और छोटे दुकानदारों की आर्थिक समस्याओं पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। किसान नेताओं ने कर्ज माफी की मांग भी प्रमुखता से उठाई। जगमोहन ने कहा कि छोटे किसान कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं और कई बार कर्ज न चुका पाने के कारण जमीन कुर्की जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों के कर्ज को लेकर राहत देने की मांग की। इसके अलावा मनरेगा योजना को प्रभावी ढंग से बहाल करने की मांग भी उठाई गई। किसान नेताओं के अनुसार मनरेगा मजदूर वर्ग के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण साधन है, इसलिए इसे कमजोर करने के बजाय और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। रेलवे ट्रैक जाम से आम लोगों को होने वाली परेशानी पर जगमोहन ने कहा कि किसानों का उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसान आम लोगों की समस्याओं को समझते हैं, लेकिन सरकार की ओर से बातचीत का रास्ता नहीं खुलने पर उन्हें आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से कुछ दिनों तक किसान आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में पंजाब स्तर पर रास्ते बंद करने और राजनीतिक नेताओं के गांवों में प्रचार के लिए आने का विरोध करने जैसे कार्यक्रम भी किए जा सकते हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...