Last Updated: September 20, 2026

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भारत मंडपम में ‘विकसित भारत 2047’ पर मंथन, CM सावंत ने कहा- केंद्र-राज्य एक दिशा में सोचेंगे तो लक्ष्य होगा आसान

September 19, 2026

भारत मंडपम में ‘विकसित भारत 2047’ पर मंथन, CM सावंत ने कहा- केंद्र-राज्य एक दिशा में सोचेंगे तो लक्ष्य होगा आसान

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार को ‘फाइनेंसिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत’ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क भी शामिल हुए।

कॉन्फ्रेंस में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, “जब देश और राज्य एक ही दिशा में सोचते हैं, तो विकसित भारत के साथ विकसित राज्य बनने में आसानी होती है। विकसित गोवा की बात करें तो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राज्य को इसका बहुत फायदा होगा। कॉन्फ्रेंस में बेस्ट प्रैक्टिसेज पर चर्चा हुई, जिसमें अन्य राज्यों की अच्छी योजनाओं को अपनाने, राज्य के आर्थिक विकास, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर नियंत्रण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, रिफॉर्म्स और रेगुलराइजेशन जैसे मुद्दों पर सभी वित्त मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने अपने विचार रखे।”

सीएम सावंत ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस से इकोनॉमिक और एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट समेत सभी क्षेत्रों को लेकर मार्गदर्शन मिला है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से की गई पहल के लिए उनका अभिनंदन करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जल्द सफल बनाने के लिए रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी।

 

इसी कार्यक्रम में शामिल महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने कहा, “वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो दिवसीय चर्चा सत्र का आयोजन किया है, जिसमें देश के सभी मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप के साथ अलग-अलग राज्यों के रोडमैप को जोड़ा जाए।”

उन्होंने बताया कि इसमें इस बात पर फोकस है कि हमें अपने वित्तीय संसाधनों का कैसे उपयोग करना चाहिए, देशभर के राज्यों को पूंजीगत निवेश कैसे करना चाहिए और आने वाले निवेश को हर सेक्टर और विभाग में कैसे निर्देशित किया जाना चाहिए।

वहीं, ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यहां आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक संतुलन स्थापित करने में बहुत महत्वपूर्ण था। जैसा कि आप देख सकते हैं, चीन जैसे देश और कई अन्य ब्रिक्स राष्ट्र एक साथ आए हैं और दुनिया के सामने एक नया विकल्प पेश किया है। मुझे लगता है कि जब भी एक तरफ से कोई एक्शन होगा, तो दूसरी तरफ से निश्चित रूप से रिएक्शन भी होगा।

 

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा, “भारत सरकार दिल्ली में यह कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रही है, जिसमें देशभर के सभी राज्य भाग ले रहे हैं। देश भर के सभी राज्य 2047 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अपनी कार्य योजना में भाग ले रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं, तेलंगाना ने भी, पिछले साल, 25 दिसंबर को अपने वैश्विक शिखर सम्मेलन में घोषणा की थी कि तेलंगाना का लक्ष्य, हमने 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था रखी है।”

उन्होंने आगे कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए हमने अपने राज्य के विकास को तीन हिस्सों में डिजाइन किया है: मुख्य शहरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, उप-नगरीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण-कृषि अर्थव्यवस्था। इन तीन क्षेत्रों के जरिए हम इंडस्ट्री, सॉफ्टवेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोर इंडस्ट्री और एग्री-बेस्ड वैल्यू-एडेड इंडस्ट्री जैसी सभी चीजों को मिलाकर 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए हमने प्लान डिजाइन किया है और हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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