इसकी अध्यक्षता तहसीलदार शिमला ग्रामीण संजीव गुप्ता ने की। बैठक में वार्ड पार्षद सहित क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया। बैठक के दौरान बीसीएस क्षेत्र में नशे से जुड़े मामलों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने युवाओं को नशे से दूर रखने और क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिAए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समिति ने निर्णय लिया कि बीसीएस क्षेत्र में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी।
इसके तहत कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी से जुड़े आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके अलावा क्षेत्र में संचालित सभी पीजी यानी पेइंग गेस्ट आवासों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाएगा, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी कोचिंग संस्थानों के मुख्य द्वार के सामने निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे संस्थानों के आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस गश्त को और अधिक सुदृढ़ एवं नियमित करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन और समिति ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता और सामुदायिक सहयोग भी जरूरी है। समिति ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करें। समिति का उद्देश्य युवाओं को नशे के खतरे से बचाकर सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...