श्रीनगर: सरकार ने गुरुवार को विधानसभा को बताया कि जम्मू-कश्मीर के हेल्थ इंस्टीट्यूशन में मेडिकल ऑफिसर के 2,891 पद और पैरामेडिक्स और नर्स के 9,723 पद खाली हैं। ये आंकड़े बडगाम MLA आगा सैयद मुंतजिर मेहदी के हेल्थ सेक्टर से जुड़े एक सवाल के जवाब में शेयर किए गए। सरकार के जवाब के मुताबिक, अलग-अलग हेल्थ इंस्टीट्यूशन में 9,723 पैरामेडिकल और नर्सिंग पद खाली हैं, जबकि 2,891 मेडिकल ऑफिसर के पद अभी भी खाली हैं।
न्यूज एजेंसी कश्मीर न्यूज ऑब्जर्वर (KNO) के मुताबिक, सरकार ने कहा कि रेगुलर अपॉइंटमेंट पेंडिंग होने तक स्टाफ की कमी को अंतरिम व्यवस्था के जरिए मैनेज किया जा रहा है, जिसमें नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कर्मचारियों को रखना और जहाँ भी मुमकिन हो और एडमिनिस्ट्रेटिव तौर पर मंज़ूर हो, एकेडमिक व्यवस्था के आधार पर शामिल है।
सरकार ने आगे कहा कि J&K पब्लिक सर्विस कमीशन (JKPSC) के ज़रिए चुने गए 416 मेडिकल ऑफिसर हाल ही में डिपार्टमेंट को मिले हैं, जिनमें से 335 कैंडिडेट्स के अपॉइंटमेंट ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। सही कैंडिडेट्स के सिलेक्शन के लिए 1,567 पैरामेडिकल/नॉन-गजटेड पोस्ट J&K सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (JKSSB) को भेजे गए हैं।
रेशीपोरा हॉस्पिटल का काम 70% पूरा
बडगाम के रेशीपोरा में 125 बेड वाले डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के स्टेटस पर सरकार ने कहा कि कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है और लगभग 70 परसेंट फिजिकल प्रोग्रेस हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट के फाइनेंशियल ईयर 2027-28 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है, बशर्ते फंड्स अवेलेबल हों और बाकी काम समय पर पूरे हो जाएं। इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक 13,217.53 लाख रुपये (132.18 करोड़ रुपये) जारी किए गए हैं, जिसमें से 12,336.56 लाख रुपये (123.37 करोड़ रुपये) खर्च हो चुके हैं। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 11,106.56 लाख रुपये जारी किए गए थे, जिसमें से 225 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
रेशीपोरा में 100 बेड वाले क्रिटिकल केयर यूनिट के बारे में सरकार ने कहा कि AAC ब्लॉक पर काम चल रहा है। ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर लगभग 95 परसेंट काम हो चुका है, जबकि सेकंड फ्लोर लगभग 70 परसेंट पूरा हो चुका है। ग्राउंड फ्लोर पर प्लास्टरिंग का काम लगभग 82 परसेंट और फर्स्ट फ्लोर पर 90 परसेंट पूरा हो चुका है, जबकि सेकंड फ्लोर पर काम जारी है। टाइलिंग, प्लंबिंग, फायर-फाइटिंग और वॉल-चेज़िंग का काम भी चल रहा है। तीसरी मंजिल के कॉलम के लिए मज़बूती की कटिंग और बेंडिंग का काम चल रहा है।
जवाब में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, SKIMS में मेडिकल ऑफिसर के 150 और पैरामेडिकल/नर्सिंग के 1,216 पद खाली हैं। डायरेक्टरेट ऑफ़ हेल्थ सर्विसेज कश्मीर (DHSK) में, 967 मेडिकल ऑफिसर और 150 पैरामेडिकल पद खाली हैं, जबकि डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज जम्मू (DHSJ) में 462 मेडिकल ऑफिसर और 2,744 पैरामेडिकल पद खाली हैं।
डायरेक्टरेट ऑफ आयुष में 55 मेडिकल ऑफिसर और 115 पैरामेडिकल पद खाली हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में GMC श्रीनगर में 474 मेडिकल ऑफिसर और 531 पैरामेडिकल/नर्सिंग पद खाली हैं। GMC अनंतनाग में 107 और 107; GMC बारामूला में 62 और 260 और GMC हंदवाड़ा में क्रमशः 134 और 378 पद खाली हैं।
इन आंकड़ों में GMC जम्मू भी शामिल है, जिसमें 150 मेडिकल ऑफिसर और 1,216 पैरामेडिकल/नर्सिंग पद खाली हैं, जबकि GMC उधमपुर में 66 मेडिकल ऑफिसर और 1,216 पैरामेडिकल/नर्सिंग पद खाली हैं। GMC राजौरी में 32 मेडिकल ऑफिसर और 30 पैरामेडिकल/नर्सिंग पद खाली हैं, GMC कठुआ में 118 और 266 और GMC डोडा में क्रमशः 114 और 64 पद खाली हैं।
स्टडी लीव के बारे में सरकार ने कहा कि केवल वे मामले जिनमें छुट्टी औपचारिक रूप से मंजूर की गई है, J&K सिविल सर्विसेज (लीव) रूल्स, 1979 के प्रावधानों के तहत निपटाए जाते हैं, साथ ही बाद के संशोधनों और सरकारी सर्कुलर के तहत भी।
विभाग ने आगे कहा कि वह अनुमति देने से पहले योग्यता, सर्विस की जानकारी, कैडर की स्थिति और जनहित की जांच करता है। इसमें कहा गया है कि स्टाइपेंड एडजस्टमेंट, सर्विस बुक में एंट्री और सर्विस छोड़ने की स्थिति में पेनल्टी से जुड़ी शर्तें लागू नियमों के अनुसार लागू की जाती हैं।
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