शिमला: जिला कांग्रेस कमेटी शिमला (शहरी) के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने 28 सितंबर को उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस की ओर से यह कदम निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच सामने आया है। हाल के दिनों में हिमाचल कांग्रेस ने भी शिमला में CEC के खिलाफ प्रदर्शन और उनके पद से हटाने की मांग की है।
SIR और मतदाता सूचियों को लेकर कांग्रेस ने जताई चिंता
ज्ञापन में कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया, मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने तथा निर्वाचन आयोग के डिजिटल एवं आईटी सिस्टम से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इन मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।
यह विवाद उस समय और तेज हुआ है जब मीडिया रिपोर्टों में निर्वाचन आयोग के दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—द्वारा कुछ फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण और डेटा प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
CEC के खिलाफ जांच और पद से हटाने की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की कानून के अनुसार जांच कराने और उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटाने की मांग रखी है। पार्टी ने उनके कार्यकाल में लिए गए प्रमुख फैसलों की व्यापक स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी की है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों, SIR प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के आईटी सिस्टम के केंद्रीकरण से जुड़े फैसलों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
📍 Location: शिमला (शिमला)