फरीदकोट में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार
October 2, 2026
फरीदकोट: फरीदकोट पुलिस ने अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जैतो क्षेत्र में कथित तौर पर लूट की योजना बना रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से कई धारदार और लोहे के हथियार भी बरामद किए गए हैं। मामले में जैतो थाने में बीएनएस की धारा 310(4) और 310(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई 30 सितंबर 2026 को दाना मंडी, जैतो के गेट नंबर-1 के पास की गई। एएसआई शमशेर सिंह पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त और संदिग्ध लोगों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग कोटकपूरा रोड स्थित एक सुनसान ईंट-भट्ठे के पास कथित रूप से लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि संदिग्धों के पास हथियार मौजूद हैं। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए बताए गए स्थान पर कार्रवाई की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जस्सी संधू पुत्र बब्बी सिंह, राज पुत्र विजय उर्फ मम्मी, कुलदीप सिंह पुत्र बिंदर सिंह, युवराज शर्मा पुत्र सोम दत्त और छोटू पुत्र अनीश मियां उर्फ हबीब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी जैतो, जिला फरीदकोट के रहने वाले हैं।
पुलिस ने कई हथियार किए बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से एक लोहे का खंडा, एक कापा, एक लोहे का पाइप, लकड़ी के हैंडल वाला लोहे का टोका और लकड़ी के हैंडल वाला लोहे का दातर बरामद किया गया है।
आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ फरीदकोट जिले के अलग-अलग थानों में नशीले पदार्थों की तस्करी, आबकारी अधिनियम और अन्य कानूनी धाराओं से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया में जुटी है। पूछताछ के दौरान उनके संभावित साथियों और पूर्व में की गई अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फरीदकोट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जिले में अपराध के खिलाफ विशेष अभियान जारी है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी और गश्त को लगातार मजबूत किया जा रहा है।