Last Updated: October 3, 2026

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Asian Games 2026: प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, महिला व्यक्तिगत गोल्फ में जीता भारत का पहला गोल्ड

October 3, 2026

Asian Games 2026: प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, महिला व्यक्तिगत गोल्फ में जीता भारत का पहला गोल्ड

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में प्रणवी उर्स ने इतिहास रच दिया है। वह कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स में चार दिन तक चले इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

प्रणवी ने इवेंट के आखिरी दिन ‘ईवन पार 70′ का स्कोर किया और कुल ’15-अंडर 265′ के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। प्रणवी ने महिला टीम को चार दिनों में ’14-अंडर 546’ के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। प्रणवी ने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता।

वहीं, अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। अदिति अशोक 14वें स्थान पर रहीं। उन्होंने आखिरी दिन 3-अंडर 67 का स्कोर बनाया और टूर्नामेंट का समापन 2-ओवर 282 के कुल स्कोर के साथ किया। वहीं, दीक्षा डागर संयुक्त 23वें स्थान पर रहीं। उन्होंने चौथे दिन ‘7-ओवर पार’ का स्कोर बनाया और उनका कुल स्कोर 12-ओवर रहा।

चीन और सिंगापुर को मिला सिल्वर मेडल
चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन ने ’14-अंडर पार’ पर रहने के कारण संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल जीता। प्रणवी आखिरी दिन दूसरे स्थान पर चल रही टैन से तीन स्ट्रोक की बढ़त के साथ उतरी थीं। तीसरे होल पर उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा, जहां उन्होंने ‘ट्रिपल बोगी’ की, जिससे वह दूसरे स्थान पर खिसक गईं।

महिला टीम ने किया शानदार प्रदर्शन
इसके बाद प्रणवी ने छठे, 10वें और 13वें होल पर तीन ‘बर्डी’ के साथ वापसी की और बढ़त बना ली। आखिर में 18वें होल पर ‘ईवन पार’ स्कोर करके उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए जश्न मनाने का मौका दिया। टीम ने चार दिनों में कुल 14-अंडर 246 का स्कोर बनाया। इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियन गेम्स के महिला टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। खास बात यह है कि महिला टीम स्पर्धा में एशियन गेम्स इतिहास का यह गोल्फ में भारत का पहला मेडल है।

सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष
प्रणवी और भारतीय महिला टीम से आखिरी दिन दो मेडल की उम्मीद थी। अंतिम दौर से पहले प्रणवी शानदार स्थिति में थीं। वह हांगकांग की चौथे स्थान पर चल रही सोफी हान से नौ स्ट्रोक आगे थीं। हालांकि, उन्हें अपनी बढ़त बरकरार रखनी थी और कोई गलती नहीं करनी थी।भारतीय टीम के सामने अदिति अशोक का उदाहरण भी था। अदिति पिछले एशियन गेम्स में तीसरे दिन के बाद पहले स्थान पर थीं, लेकिन आखिरी दिन बढ़त नहीं बचा सकीं और दूसरे स्थान पर खिसक गई थीं। इसके चलते उन्हें गोल्ड की जगह सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।

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