Last Updated: October 5, 2026

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फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश में बड़ा खुलासा, को-पायलट का ऊंची इमारत से विमान टकराने का था प्लान

October 5, 2026

फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश में बड़ा खुलासा, को-पायलट का ऊंची इमारत से विमान टकराने का था प्लान

Flydubai flight News: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश के मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इटली के अखबार Corriere della Sera की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के ओमानी को-पायलट हमान अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को अपने कब्जे में लेकर उसे तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत से टकराने की योजना बनाई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, जब उसकी यह योजना सफल नहीं हो सकी तो उसने विमान को रेगिस्तान में क्रैश कराने की कोशिश की। हालांकि, विमान के कैप्टन, कुछ यात्रियों और दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों की बहादुरी के कारण बड़ा हादसा टल गया।

कैप्टन पर हमला कर विमान पर कब्जे की कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट अल-हम्मामी ने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर विमान के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। को-पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा भी बंद कर दिया, ताकि कोई अंदर न आ सके। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी और आखिरकार दरवाजा खुल गया। इसके बाद कुछ यात्रियों और दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

तेल अवीव की ऊंची इमारत से विमान टकराने का प्लान
Corriere della Sera की रिपोर्ट में इजरायली इंटेलिजेंस के हवाले से दावा किया गया है कि अल-हम्मामी का कथित मकसद सिर्फ विमान को हाईजैक करना नहीं था। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उसकी योजना पहले कैप्टन को मारने, फिर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने और विमान को तेल अवीव ले जाकर शहर की किसी ऊंची इमारत से टकराने की थी। हालांकि, इस कथित योजना का यह हिस्सा जांच में सामने आई जानकारी और सूत्रों पर आधारित है। मामले की जांच अभी जारी है।

प्लान फेल हुआ तो विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश
जब अल-हम्मामी को लगा कि उसकी पहली योजना पूरी नहीं हो पाएगी, तो उसने कथित तौर पर विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, उसने विमान का ऑटोपायलट बंद कर दिया और कंट्रोल स्टिक को नीचे की तरफ दबा दिया। इसके बाद विमान कुछ ही समय में करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया। इस दौरान उसने विमान के कंट्रोल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की। लेकिन यात्रियों में मौजूद यानिव हयून, जो पेशे से प्लंबर बताए गए हैं, ने तुरंत कंट्रोल स्टिक को अपनी ओर खींच लिया। इससे विमान को तेजी से नीचे जाने से रोका जा सका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे और उन्होंने विमान का नियंत्रण संभाल लिया।

दोनों इंजनों की ईंधन सप्लाई बंद करने का भी शक
जांचकर्ताओं को इस बात का भी संदेह है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजनों तक जाने वाली ईंधन सप्लाई को बंद करने वाले स्विचों से छेड़छाड़ की थी। हालांकि, यह बात अभी पूरी तरह साबित नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं।

विमान के अंदर क्यों जल रही थीं इमरजेंसी लाइटें
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी जांच का अहम हिस्सा बना है। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान की सीटों के बीच से बनाए गए वीडियो में इमरजेंसी लाइटें जलती हुई दिखाई दे रही थीं। आमतौर पर इमरजेंसी लाइटों का इस्तेमाल आपात स्थिति में यात्रियों को विमान से बाहर निकलने का रास्ता दिखाने के लिए किया जाता है। लेकिन इस मामले में ये लाइटें विमान के हवा में काफी ऊंचाई पर होने के दौरान दिखाई दीं। इसलिए जांचकर्ताओं ने इस पर भी ध्यान दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग 737 में अगर मुख्य बिजली सप्लाई बंद हो जाए तो विमान बैटरी पावर पर जा सकता है। ऐसी स्थिति में इमरजेंसी लाइटें सक्रिय हो सकती हैं। यह स्थिति जनरेटर बंद होने या दोनों इंजनों के बंद होने की स्थिति में भी बन सकती है।

क्या को-पायलट ने अकेले पूरी साजिश रची
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच में ऐसी जानकारी सामने आई है जिससे लगता है कि अल-हम्मामी ने यह घटना अकेले अंजाम दी।एक अन्य इजरायली सूत्र के मुताबिक, अभी तक उसके किसी आतंकी संगठन या किसी सरकार से संबंध होने की जानकारी नहीं मिली है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल जांच एजेंसियों को किसी बड़े संगठन की संलिप्तता के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

UAE और इजरायल समेत कई देश कर रहे जांच
इस पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल घटना की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने भी जांच शुरू की है, क्योंकि विमान ने आपात स्थिति में सऊदी अरब में लैंडिंग की थी। जांच में विमान के क्रू की रिपोर्ट, एयरपोर्ट स्टाफ की जानकारी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से मिले रिकॉर्ड और विमान से जुड़े तकनीकी डेटा को भी देखा जा रहा है।

30 सितंबर को हुआ था पूरा घटनाक्रम
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान ओमान के रहने वाले को-पायलट अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया। हालात बेहद गंभीर हो गए थे। लेकिन घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों ने स्थिति को संभालने में मदद की। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर विमान को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई।

बहादुरी से टला बड़ा हादसा
अगर रिपोर्ट में बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि होती है, तो यह विमान सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर घटना थी। एक तरफ को-पायलट कथित तौर पर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ घायल कैप्टन, यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने मिलकर विमान को बचाने की कोशिश की। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अल-हम्मामी का असली मकसद क्या था, उसने विमान के सिस्टम के साथ कितनी छेड़छाड़ की और क्या वह किसी संगठन या अन्य व्यक्ति के संपर्क में था।

 

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