Last Updated: October 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

गुरु प्रदोष व्रत पर आजमाएं ये 3 उपाय, शिव-पार्वती की कृपा से जल्द बनेंगे विवाह के योग

October 6, 2026

गुरु प्रदोष व्रत पर आजमाएं ये 3 उपाय, शिव-पार्वती की कृपा से जल्द बनेंगे विवाह के योग

Guru Pradosh Vrat 2026: अगर आपके विवाह के लिए बात आगे नहीं बढ़ती या शादी में बार-बार अड़चनें आ रही हैं, तो धार्मिक मान्यताओं में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं। भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत को मनोकामना पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से विवाह संबंधी बाधाएं कम हो सकती हैं।

अक्टूबर में कब रखा जाएगा गुरु प्रदोष व्रत?

प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है।

वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर की रात 11:16 बजे से शुरू होकर 8 अक्टूबर की रात 10:15 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल 8 अक्टूबर को होने के कारण व्रत इसी दिन रखा जाएगा। गुरुवार के दिन पड़ने के चलते इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा।

1. मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करें

धार्मिक मान्यता के अनुसार, विवाह में बार-बार बाधा आ रही हो तो प्रदोष व्रत के दिन स्नान करके लाल वस्त्र धारण कर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें।

पूजा के दौरान माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद उसी सिंदूर का तिलक लगाकर शीघ्र विवाह की कामना करें। मान्यता है कि यह उपाय वैवाहिक जीवन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकता है।

2. काले तिल से करें शिवलिंग का अभिषेक

अगर विवाह में देरी का कारण कुंडली में ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को माना जा रहा है, तो प्रदोष व्रत के दिन काले तिल को गंगाजल में मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करने की परंपरा है।

इसके बाद भगवान शिव का कच्चे दूध से अभिषेक कर अपनी मनोकामना प्रकट करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से नकारात्मक ग्रह प्रभाव शांत हो सकते हैं और चंद्रमा से जुड़े दोषों को कम करने में मदद मिल सकती है।

3. शुक्र ग्रह के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, दांपत्य और विवाह से जोड़कर देखा जाता है। अगर कुंडली में शुक्र कमजोर माना गया हो तो प्रदोष व्रत के दिन स्नान और दान करने के बाद जल में शहद तथा सुगंधित पदार्थ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करने की मान्यता है।

धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस उपाय से शुक्र ग्रह को मजबूती मिल सकती है और विवाह से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।

ये भी पढ़ें…

आस्था और परंपरा पर आधारित हैं ये उपाय

इन उपायों का आधार धार्मिक मान्यताएं और ज्योतिषीय परंपराएं हैं। इन्हें आस्था के रूप में किया जाता है। विवाह से जुड़ा कोई भी निर्णय केवल ज्योतिषीय उपायों के आधार पर लेने के बजाय व्यावहारिक परिस्थितियों और आपसी समझ को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें