Last Updated: October 11, 2026

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‘एक ईंट, एक रुपया’ का सिद्धांत सामूहिक सहयोग की मिसाल : राज्यपाल

October 11, 2026

‘एक ईंट, एक रुपया’ का सिद्धांत सामूहिक सहयोग की मिसाल : राज्यपाल

Maharaja Agrasen’s Ideals Remain Relevant Today : शिमला। सोलन में महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने समाज से आर्थिक समृद्धि को सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने महाराजा अग्रसेन के ‘एक ईंट, एक रुपया’ सिद्धांत को सामूहिक सहयोग का प्रतीक बताते हुए जरूरतमंदों की मदद, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और युवा सशक्तिकरण पर जोर दिया। राज्यपाल ने अग्रवाल सभा, सोलन के लगभग 80 वर्षों के सामाजिक योगदान की सराहना की और युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ रोजगार सृजित करने वाले बनने की अपील की।

उन्होंने समाज से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आत्मसात करते हुए आर्थिक समृद्धि को समाज सेवा, करुणा और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक समृद्धि में निहित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता, पारस्परिक सहयोग और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता में भी परिलक्षित होती है। राज्यपाल ने महाराजा अग्रसेन से जुड़े ‘एक ईंट, एक रुपया’ के सिद्धांत पर बल देते हुए कहा कि यह सामूहिक योगदान की भावना का प्रतीक है, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार दूसरों की सहायता करता है और यह सिद्धांत आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा में सहयोग, गरीबों के उपचार में सहायता, युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर सृजित करना तथा जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देना इसी भावना के उदाहरण हैं। राज्यपाल ने अग्रवाल सभा, सोलन द्वारा लगभग 80 वर्षों से शिक्षा, सामाजिक कल्याण, धार्मिक गतिविधियों एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना की। उन्होंने विभिन्न समुदायों के लोगों को एक साझा मंच पर लाकर सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की वास्तविक शक्ति समाज के समग्र कल्याण में उसके योगदान से परिलक्षित होती है। कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए समाज से युवाओं को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने का आग्रह किया।

उन्होंने युवाओं से केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनने के लिए प्रेरित किया तथा उद्यमिता, नवाचार और सामाजिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने अग्रवाल सभा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, युवा मार्गदर्शन, महिला सशक्तिकरण और समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने का भी आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जयंती केवल एक महान व्यक्तित्व को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का भी अवसर है।

उन्होंने सभी से तीन संकल्प, ‘समृद्धि के साथ सेवा, सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पहचान के साथ सामाजिक सद्भाव’ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अग्रवाल सभा भविष्य में भी सोलन और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में अपना योगदान देती रहेगी। राज्यपाल ने इस अवसर पर अग्रवाल सभा से जुड़े सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, महिलाओं और युवाओं को शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व, राज्यपाल ने सोलन बाजार में स्थापित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। पूर्व मंत्री डॉ. राजीव बिंदल ने राज्यपाल का स्वागत किया और अग्रवाल समुदाय द्वारा समाज कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अग्रवाल सभा, सोलन के अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने राज्यपाल को सम्मानित किया तथा सभा द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से अवगत करवाया। सभा के उपाध्यक्ष सतीश बंसल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक, सोलन टी.साई दत्तात्रेयवर्मा, अग्रवाल सभा के पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

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