
उन्होंने बताया कि दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (बीजेपी के लिए एक अपमानजनक शब्द) द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें कई जगहों पर रोक दिया। उन्हें हिरासत में लिया गया और उनके साथ ज़्यादती की गई। उन्होंने कहा कि अब इस दिन को ‘डिटेंशन डे’ (हिरासत दिवस) के तौर पर जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि बीजेपी की केंद्र सरकार के अधीन पुलिस ने गुरुद्वारा बंगला के ख़िलाफ़ कार्रवाई की… वे गुरुद्वारा साहिब में घुस गए, वहाँ मौजूद युवाओं को जबरन बाहर निकाला और उन्हें खदेड़ दिया।
उन्होंने कहा कि कल हुई घटनाओं को देखते हुए देश के गृह मंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस घटना के बारे में अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल के इस मामले पर चुप रहने का कारण यह डर है कि कहीं बीजेपी के साथ गठबंधन टूट न जाए। उन्होंने आगे कहा कि जनता सिस्टम से नाराज़ है, इसीलिए पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।