
अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले सिख युवक स. परविंदर सिंह की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रयासरत एक युवक की इस तरह हत्या होना न केवल दुखद है, बल्कि समाज में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि नशे ने पंजाब की युवा पीढ़ी को भारी नुकसान पहुंचाया है। पंजाब गुरुओं की पवित्र धरती है, जहां गुरु साहिबानों ने मानवता को सदैव सदाचार और नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। ऐसे में पंजाब की धरती पर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्या की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध संघर्ष करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सरकार स. परविंदर सिंह की हत्या के मामले में जवाबदेही तय करे, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाए। साथ ही, नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
एडवोकेट धामी ने पंजाब के राज्यपाल से भी अपील की कि राज्य में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सरकार की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सरकार के साथ-साथ हर नागरिक को भी अपना योगदान देना चाहिए।
एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने दुख की इस घड़ी में स. परविंदर सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा से अरदास की।
मेष: दिन शुभ रहेगा...