
चंबा : चंबा में गौहत्या मामले को लेकर बुधवार को हिंदू संगठनों ने जिला मुख्यालय में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। विरोध के चलते मुख्य बाजार के व्यापारिक संस्थान करीब 3 घंटे तक बंद रहे, जबकि मुख्य चौक पर शाम 4 बजे तक चक्का जाम रहा। हालांकि, दवाइयों की दुकानों और एंबुलेंस सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने गोवंश के अवशेष बाक्स में रखकर मुख्य चौक पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी गौहत्या में शामिल लोगों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। मामले के तार कहां तक जुड़े हैं, इसकी भी जांच करने की मांग उठी। प्रदर्शन स्थल पर कोई सरकारी अधिकारी या सत्ताधारी नेता नहीं पहुंचा तो प्रदर्शनकारियों ने सरकार, प्रशासन और चंबा विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने डीसी से मौके पर पहुंचकर मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। दोपहर तक प्रदर्शन जारी रहा। इसी दौरान पुलिस और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच बहसबाजी होने से माहौल गरमा गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुख्य चौक पर अतिरिक्त बल तैनात किया। एहतियात के तौर पर धर्मशाला से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था।
एक व्यक्ति हिरासत में, तलाशी अभियान जारी: दोपहर बाद डीसी मुकेश रेपस्वाल और एसपी चंबा विजय सकलानी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। एसपी ने बताया कि मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की टीम घटना स्थल वाले क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है।
डीसी ने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद हिंदू संगठनों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार चंबा की अगुवाई में गोवंश के अवशेषों को भगौत में दफनाया गया।