
शिमला: शिमला पुलिस ने उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी और न्यायालय द्वारा जारी वारंटों की तामील के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के पीओ सेल उपमंडल रोहड़ू की टीम ने 14 अक्टूबर को जांगला बाजार से 47 वर्षीय यशपाल वर्मा को गिरफ्तार किया। आरोपी जिला शिमला का निवासी है और उसे अदालत द्वारा एक मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। इसके अलावा दो अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी यशपाल वर्मा के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के तीन मामले दर्ज हैं। इन मामलों में कुल 14 लाख रुपये की राशि संबंधित है। इनमें काला देवी बनाम यशपाल वर्मा मामले में एक लाख रुपये, विनोद कुमार बनाम यशपाल वर्मा मामले में आठ लाख रुपये और हीरा सिंह बनाम यशपाल वर्मा मामले में पांच लाख रुपये की राशि शामिल है।
मामलों में अदालत की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पेश न होने के चलते उसे एक मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था, जबकि दो अन्य मामलों में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे। इसके बाद पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद माननीय एसीजेएम कोर्ट नंबर-1, रोहड़ू के समक्ष पेश किया। अदालत ने उसे 17 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में जिला कारागार कैथू, शिमला भेजने के आदेश दिए हैं।
शिमला पुलिस का कहना है कि अदालतों द्वारा घोषित अपराधियों को पकड़ने और लंबित मामलों में जारी गैर-जमानती वारंटों की तामील के लिए अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
📍 Location: शिमला (शिमला)