
मुंबई : जियो प्लेटफॉर्म्स ने निवेशकों से उसका मूल्यांकन मोबाइल सेवा प्रदाता के बजाय प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में करने को कहा है। कंपनी का कहना है कि वह विदेशों में दूरसंचार कंपनियों को अपना नैटवर्क सॉफ्टवेयर और उपकरण बेचेगी, हालांकि उसका कारोबार अब भी मुख्य रूप से घरेलू बाजार तक सीमित है।
कंपनी के सूचीबद्ध होने को लेकर जमा दस्तावेजों से यह जानकारी मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार और डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 21 अक्तूबर को आएगा। कंपनी की सेबी के पास जमा विवरण पुस्तिका (रेड हेरिंग प्रॉस्पैक्टस) के अनुसार, यह भारत की ग्राहकों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी का निर्गम होगा।