
शिमला: राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत समग्र शिक्षा प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित कर रहा है। इन भ्रमणों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को व्यवहार में समझने के साथ इतिहास, संस्कृति और देश की समृद्ध विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के 83 विद्यार्थी और शिक्षक मुंबई का पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पूरा कर लौट आए हैं।
मुंबई भ्रमण में मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा जिलों के विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल रहे। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए सीखने और नए अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। बच्चों ने प्रसिद्ध गेटवे ऑफ इंडिया और छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय का दौरा किया। गेटवे ऑफ इंडिया की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थापत्य शैली के माध्यम से उन्होंने मुंबई के इतिहास को जाना। वहीं, संग्रहालय में प्राचीन कलाकृतियों, मूर्तियों, चित्रों और पुरातात्विक वस्तुओं को देखकर भारतीय कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को समझा।
विद्यार्थियों ने वंडरला वाटर पार्क में विभिन्न राइड्स और मनोरंजक गतिविधियों का आनंद लिया। इन गतिविधियों के दौरान उन्हें गति, बल और चाल जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक उदाहरणों से समझने का अवसर मिला।
नेहरू विज्ञान केंद्र और तारामंडल में बढ़ी वैज्ञानिक जिज्ञासा
विद्यार्थियों ने नेहरू विज्ञान केंद्र में विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों, प्रयोगों और संवादात्मक प्रदर्शनियों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक के सिद्धांतों को समझा। वहीं, तारामंडल में अंतरिक्ष और खगोलीय घटनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इन अनुभवों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नई चीजें जानने की जिज्ञासा को बढ़ावा मिला।
विद्यार्थियों ने सिद्धिविनायक मंदिर का भ्रमण कर मुंबई की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जाना। वहीं, मरीन ड्राइव पर उन्होंने समुद्र तट और महानगर की जीवनशैली को करीब से देखा। मुंबई भ्रमण के दूसरे चरण में शिमला, किन्नौर, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर और ऊना जिलों के 82 विद्यार्थी एवं शिक्षक 22 से 26 अक्टूबर तक शैक्षणिक दौरे में शामिल होंगे।
जालंधर और आसपास के स्थलों का भ्रमण भी कर चुके हैं विद्यार्थी
इससे पहले राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत प्रदेश के 104 विद्यार्थी और शिक्षक जालंधर और आसपास के प्रमुख स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कर चुके हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वर्ण मंदिर में सेवा, समानता और सामुदायिक सहयोग के मूल्यों को जाना। जलियांवाला बाग का भ्रमण कर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण अध्याय को समझा। वहीं, वाघा बॉर्डर पर आयोजित रिट्रीट समारोह देखकर उन्हें देश की सीमाओं और राष्ट्रीय एकता के महत्व को जानने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों ने साइंस सिटी में वैज्ञानिक मॉडलों, प्रदर्शनियों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक के व्यावहारिक उपयोगों को समझा। राम बाग गार्डन में उन्होंने क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जाना, जबकि वंडरलैंड पार्क में मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से समूह में भागीदारी और आपसी सहयोग का अनुभव प्राप्त किया।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आयोजित ये शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सीखने, प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने और विभिन्न विषयों को वास्तविक जीवन से जोड़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। इन पहलों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और तार्किक सोच विकसित करने के साथ-साथ देश के इतिहास, विज्ञान और सांस्कृतिक विविधता के प्रति समझ बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
📍 Location: शिमला (शिमला)
मेष: दिन शुभ रहेगा...