
शिमलाः रूट्स कंट्री स्कूल बाघी का वार्षिक दिवस “शिल्प 2026” समारोह शनिवार को बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
शिक्षा मंत्री ने 23 वें वार्षिक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस स्कूल में शिक्षा के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। यहां केवल हिमाचल के ही नहीं भारत के कोने-कोने से बच्चे पढ़ रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे है। बोर्डिंग स्कूल की वजह से बच्चे कई चीजों के निपुण बन रहे हैं और यहां शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बच्चे बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे है। बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव यहां मजबूत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिंदगी एक संघर्ष है और जिंदगी की चुनौतियों को जिसने पार कर लिया उसने हमेशा इतिहास लिखा है। उन्होंने कहा कि रूट्स कंट्री स्कूल की सफलता की कहानी दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम, समर्पण और दूरदर्शी सोच का प्रेरणादायक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में मात्र 21 विद्यार्थियों के साथ शुरू हुआ यह विद्यालय आज लगभग 1,000 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि नहीं, बल्कि अभिभावकों के विश्वास, शिक्षकों की मेहनत और विद्यालय प्रबंधन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यालय के विकास में सुनील और प्रीति रोहटा के योगदान की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि बद्दी जैसे क्षेत्र में एक छोटे से प्रयास को प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करना असाधारण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय ने पिछले 23 वर्षों में हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। सीबीएसई परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा को किफायती बनाए रखने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को अवसर प्रदान करने के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स समिट में विद्यालय को मिली पहचान को भी गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्राकृतिक एवं शांत वातावरण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल है। छात्रावास व्यवस्था बच्चों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा होती है और शिक्षकों एवं अभिभावकों का दायित्व है कि वे बच्चों की क्षमताओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के उचित अवसर प्रदान करें। शिक्षा के साथ खेलकूद, संगीत, कला और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को महत्व देना भी आवश्यक है।
उन्होंने विद्यालय में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति को *“विविधता में एकता”* का सुंदर उदाहरण बताया। दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत, बंगाल, गुजरात और लद्दाख तक के विद्यार्थियों का एक ही परिसर में शिक्षा ग्रहण करना राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने विशेष रूप से लद्दाख से आने वाले विद्यार्थियों की उल्लेखनीय संख्या का जिक्र करते हुए इसे विद्यालय की व्यापक पहुंच और अभिभावकों के विश्वास का प्रतीक बताया।
हिमाचल प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने साक्षरता और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास किया है। उन्होंने नई पीढ़ी को उपलब्ध बेहतर शैक्षणिक अवसरों का सदुपयोग करने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। रूट्स कंट्री स्कूल जैसे संस्थान बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने तथा समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी तथा अभिभावकों, शिक्षकों और समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि रूट्स कंट्री स्कूल भविष्य में भी इसी समर्पण, दूरदर्शिता और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ नई ऊंचाइयां हासिल करेगा तथा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत बनाएगा उन्होंने बताया की वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्यकाल में अभूतपूर्व विकास कार्य हर क्षेत्र में सुनिश्चित किये जा रहे हैं। आज जुब्बल कोटखाई विधानसभा में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
इन्हें किया गया सम्मानित
विद्यालय में विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 के लिए स्कूल पदाधिकारियों एवं विभिन्न हाउस के प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई है। रोहठा को हेड बॉय, अर्शिता मिश्रा को हेड गर्ल, स्टैंजिन सिंगे को वाइस हेड बॉय तथा तान्वी भाटिया को वाइस हेड गर्ल नियुक्त किया गया है।
विद्यालय में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए चार हाउस गठित किए गए हैं।
विक्टर हाउस: कप्तान समर प्रताप सिंह, उपकप्तान चोकोयंग, स्पोर्ट्स कप्तान अब्दुल फैज के तथा हाउस मैनेजर ममनाजीत कौर।
वारियर हाउस: कप्तान अनुराग ठाकुर, उपकप्तान रिया सैनी, स्पोर्ट्स कप्तान अंजेल खोतला तथा हाउस मैनेजर फोरम।
क्रूसेडर हाउस: कप्तान अर्शिता यादव, उपकप्तान अदिराज, स्पोर्ट्स कप्तान रोनित वर्मा तथा हाउस मैनेजर कनुष लोहन।
पायनियर हाउस: कप्तान सम्राट सैनी, उपकप्तान ऋषि केश्वरवानी, स्पोर्ट्स कप्तान निंगमाई वांगमो तथा हाउस मैनेजर आलोक राणा।
इस मौके पर विद्यालय समिति द्वारा मुख्यातिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान एसडीएम डॉ मनु वर्मा, खंड विकास अधिकारी स्पर्श, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, जिला परिषद् सदस्य रेखा चौहान , स्थानीय पंचायत प्रधान हरि प्रकाश शौकटा, ग्राम पंचायत रत्नाड़ी सुनील ठाकुर पंचायत, लायक राम औसटा, डायरेक्टर सुनील रोहटा, प्रिंसिपल रूट्स कंट्री स्कूल कृति रोहटा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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