Last Updated: October 17, 2026

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जम्मू-कश्मीर के ITI होंगे आधुनिक, 475.41 करोड़ रुपये की कौशल विकास योजना मंजूर

October 17, 2026

जम्मू-कश्मीर के ITI होंगे आधुनिक, 475.41 करोड़ रुपये की कौशल विकास योजना मंजूर

J&K Gets ₹475.41 Crore Boost to Modernise ITI Clusters : श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी का आभार जताते हुए बताया कि प्रधानमंत्री PM-SETU योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए 475.41 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत जम्मू ITI क्लस्टर को 240 करोड़ रुपये और श्रीनगर ITI क्लस्टर को 235.41 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया जाएगा। हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इस पहल से प्रशिक्षण ढांचे को उन्नत करने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे उद्योगों के साथ तालमेल मजबूत होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

इससे पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रमुख ‘इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ (ITI) क्लस्टर्स को अपग्रेड किया जाएगा। इस पहल के तहत, जम्मू ITI क्लस्टर को 240 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जाएगा; इसमें ITI जम्मू ‘हब’ के रूप में काम करेगा, जबकि R.S. पुरा, नौशेरा, सांबा और कठुआ के ITI इसके ‘स्पोक्स’ (सहायक केंद्र) होंगे। इसी तरह, श्रीनगर ITI क्लस्टर को 235.41 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिक बनाया जाएगा; इसमें ITI श्रीनगर ‘हब’ होगा, और गांदरबल, कंगन, बडगाम तथा चरार-ए-शरीफ के ITI इसके ‘स्पोक्स’ होंगे।

यह पहल ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना, नए और समकालीन कोर्स शुरू करना, तथा पाठ्यक्रम को उद्योग की बदलती जरूरतों और स्थानीय व वैश्विक कौशल मांगों के अनुरूप ढालना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उद्योग के साथ संबंधों को मजबूत करेगी, परिणाम-आधारित ट्रेनिंग को बढ़ावा देगी और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को उद्योग के लिए तैयार (इंडस्ट्री-रेडी) कौशल प्रदान करेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इस निवेश से ITI आधुनिक कौशल विकास केंद्रों में बदल जाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वोकेशनल ट्रेनिंग बदलती आर्थिक जरूरतों और रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप बनी रहे।

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