
हेल्थ डेस्क : सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या कई लोगों को होती है। अक्सर लोग इसे थकान, कमजोरी या नींद पूरी न होने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये दोनों परेशानियां बार-बार हो रही हैं, तो इनके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। माइग्रेन, ब्लड प्रेशर में बदलाव, शरीर में पानी की कमी और खून की कमी इसके कुछ संभावित कारण हैं। कुछ मामलों में ये लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं, इसलिए इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
1. माइग्रेन के कारण हो सकता है सिरदर्द और चक्कर
माइग्रेन में सिर के एक हिस्से या पूरे सिर में दर्द हो सकता है। कुछ लोगों को सिरदर्द के साथ चक्कर आने, जी मिचलाने और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी होने जैसे लक्षण भी महसूस होते हैं। वेस्टिबुलर माइग्रेन में खास तौर पर चक्कर आने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में दिक्कत हो सकती है।
2. ब्लड प्रेशर कम होना
अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, तो उसे अचानक खड़े होने पर चक्कर आ सकते हैं। कुछ मामलों में आंखों के सामने अंधेरा छाने या कमजोरी महसूस होने की परेशानी भी होती है। ऐसी स्थिति बार-बार होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
3. शरीर में पानी की कमी
कम पानी पीने या ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसके कारण सिरदर्द, थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर गर्मी में या शारीरिक मेहनत के बाद शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है।
4. खून की कमी यानी एनीमिया
शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इस स्थिति को एनीमिया कहा जाता है। इसके कारण थकान, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत हो सकती है। अगर ये लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर खून की जांच करानी चाहिए।
5. कान की समस्या भी हो सकती है वजह
कान के अंदरूनी हिस्से का शरीर का संतुलन बनाए रखने में अहम योगदान होता है। इस हिस्से में परेशानी होने पर ऐसा महसूस हो सकता है कि आसपास की चीजें घूम रही हैं या शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। कुछ लोगों को इसके साथ सिरदर्द या मतली भी हो सकती है। इसके अलावा, लंबे समय तक खाना न खाने या ब्लड शुगर कम होने से भी सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
सिरदर्द और चक्कर आने पर कब सतर्क होना चाहिए?
हर बार सिरदर्द और चक्कर आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
– बोलने या बात समझने में परेशानी होना।
– हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन आना।
– देखने में परेशानी होना।
– चलने या शरीर का संतुलन बनाए रखने में कठिनाई होना।
– बेहोशी होना या अचानक भ्रम की स्थिति पैदा होना।
ये स्ट्रोक या किसी अन्य गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में खुद से इलाज करने या लक्षण ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
सिरदर्द और चक्कर से बचने के लिए क्या करें?
– दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
– समय पर भोजन करें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
– रोजाना पर्याप्त नींद लें।
– अचानक खड़े होने से बचें, खासकर अगर उठते समय चक्कर आते हों।
– सिरदर्द और चक्कर बार-बार होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
डॉक्टर लक्षणों और मरीज की स्थिति के अनुसार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर दूसरी जांचें भी की जा सकती हैं।