
Home Vastu Tips: घर का मुख्य दरवाजा सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि घर की पहचान भी होता है। यही वजह है कि घर के मेन गेट पर लगी नेम प्लेट को वास्तु शास्त्र में खास महत्व दिया जाता है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नेम प्लेट की सही दिशा, रंग, आकार और साफ-सफाई का ध्यान रखने से घर का वातावरण आकर्षक और सकारात्मक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अगर आप भी अपने घर के मुख्य द्वार पर नई नेम प्लेट लगवाने की सोच रहे हैं, तो इन 5 वास्तु नियमों को जरूर जान लें।
1. नेम प्लेट लगाते समय दिशा का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में पूर्व दिशा को नई शुरुआत और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में नेम प्लेट लगाने के लिए उचित स्थान चुनते समय मुख्य द्वार की दिशा और उपलब्ध जगह का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, नेम प्लेट के लिए किसी एक दिशा को सभी घरों में अनिवार्य रूप से शुभ मानने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
2. नेम प्लेट पर हो पर्याप्त रोशनी
घर के बाहर लगी नेम प्लेट ऐसी होनी चाहिए, जिस पर लिखा नाम दिन और रात दोनों समय आसानी से पढ़ा जा सके। इसके लिए नेम प्लेट के ऊपर हल्की रोशनी वाली LED लाइट लगाई जा सकती है। वास्तु मान्यताओं में हल्के पीले रंग की रोशनी को शुभता और सकारात्मक माहौल का प्रतीक माना जाता है। ध्यान रखें कि रोशनी बहुत तेज न हो और अक्षरों पर साफ तरीके से पड़े।
3. शुभ प्रतीकों और सादगी को दें प्राथमिकता
नेम प्लेट को सजाने के लिए स्वास्तिक या ‘ॐ’ जैसे पारंपरिक शुभ प्रतीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वास्तु परंपराओं में इन चिह्नों को शुभता से जोड़ा जाता है। हालांकि, देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने से बचना या उसे जरूरी मानना व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है। बेहतर होगा कि नेम प्लेट पर जरूरत से ज्यादा डिजाइन बनाने के बजाय उसे साफ, सुंदर और पढ़ने में आसान रखा जाए।
4. लकड़ी या पत्थर की नेम प्लेट का कर सकते हैं चुनाव
नेम प्लेट की सामग्री चुनते समय उसकी मजबूती, मौसम के प्रभाव और घर के बाहरी डिजाइन को ध्यान में रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में लकड़ी और पत्थर की नेम प्लेट को पसंद किया जाता है। लकड़ी क्लासिक लुक देती है, जबकि पत्थर की नेम प्लेट मजबूत और आकर्षक दिखाई दे सकती है। प्लास्टिक की नेम प्लेट के बजाय टिकाऊ विकल्प चुनना अच्छा हो सकता है, लेकिन इसका चुनाव आपकी जरूरत और बजट पर भी निर्भर करता है।
कुछ वास्तु मान्यताओं में मुख्य दरवाजे की दाईं ओर नेम प्लेट लगाना शुभ माना जाता है। हालांकि, इसे लगाते समय दरवाजे की बनावट, रोशनी और आने-जाने की सुविधा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
5. नाम, अक्षरों के रंग और सफाई पर दें ध्यान
नेम प्लेट पर घर के मालिक या परिवार का नाम स्पष्ट अक्षरों में लिखवाना बेहतर रहता है। जरूरत के अनुसार उपनाम या अन्य जरूरी जानकारी भी शामिल की जा सकती है। गोल्डन रंग के अक्षर कई घरों में प्रतिष्ठित और आकर्षक लुक देने के लिए पसंद किए जाते हैं। इन्हें ऐसे बैकग्राउंड पर लगवाएं, जहां नाम आसानी से पढ़ा जा सके।
इसके अलावा नेम प्लेट की नियमित सफाई भी जरूरी है। उस पर धूल जमने, अक्षर मिटने या प्लेट टूटने से उसका लुक खराब हो सकता है। इसलिए समय-समय पर उसकी स्थिति जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर मरम्मत या बदलाव करवाएं।
ये भी पढ़ें…
नेम प्लेट लगाते समय इन छोटी बातों का भी रखें ख्याल
-नेम प्लेट ऐसी जगह लगाएं, जहां वह आसानी से दिखाई दे।
-नाम की स्पेलिंग और अक्षरों की स्पष्टता जरूर जांचें।
-प्लेट को दरवाजे की कुंडी या खुलने-बंद होने में बाधा न बनने दें।
-सामग्री चुनते समय बारिश, धूप और धूल के असर को ध्यान में रखें।
-बहुत ज्यादा सजावट के बजाय साफ-सुथरे और संतुलित डिजाइन को प्राथमिकता दें।
मेष: दिन शुभ रहेगा...