
शिमला: स्वर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर चल रही बहस के बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस मांग के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जब समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आयोग गठित किए गए हैं, तो स्वर्ण समाज के लिए भी आयोग क्यों नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वर्ण आयोग का गठन संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह के इस बयान को स्वर्ण आयोग की मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी सहित विभिन्न संगठनों की ओर से स्वर्ण आयोग के गठन की मांग उठाई जा रही है। इस मांग को लेकर पिछले दिनों आंदोलन और विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि स्वर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए आयोग का गठन किया जाए।
वहीं, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की ओर से सचिवालय के घेराव को लेकर पूछे गए सवाल पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि किसी प्रदर्शन के दौरान कोई उपद्रव करता है या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) का काम है।
उन्होंने इस मामले में पुलिस की जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कानून के दायरे में रहकर ही विरोध प्रदर्शन किए जाने चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
स्वर्ण आयोग के गठन को लेकर विक्रमादित्य सिंह के समर्थन वाले बयान से इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रदेश सरकार इस मांग पर आगे क्या रुख अपनाती है और आयोग के गठन को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
📍 Location: शिमला (शिमला)
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