
Jathedar Giani Gargaj Welcomes Hazur Sahib Board Restoration : अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब के प्रशासनिक बोर्ड की बहाली का स्वागत करते हुए कहा कि सिख धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन पूरी तरह सिखों के हाथों में रहना चाहिए। उन्होंने सरकारों को धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप न करने की नसीहत भी दी।
उन्होंने कहा कि तख्त साहिब और सिख संस्थाएं खालसा पंथ की एक पवित्र धरोहर हैं, और इनका प्रबंधन पूरी तरह से सिखों के हाथों में ही रहना चाहिए। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने उम्मीद जताई कि किसी भी सिख संस्था में सरकार या बाहरी लोगों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई हस्तक्षेप होता है, तो सिखों का यह बुनियादी कर्तव्य है कि वे इसके खिलाफ संघर्ष करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रबंधन पंथ के हाथों में ही रहे। उन्होंने उन लोगों की भी सराहना की, जिन्होंने सिख भावनाओं के अनुरूप तख्त श्री हजूर साहिब के प्रशासनिक बोर्ड को बहाल कराने के लिए प्रयास किए।
उन्होंने कहा कि सिख धर्मस्थलों और संस्थाओं के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना रखते हुए, हमें उनकी उन्नति और समृद्धि (‘चढ़दी कला’) के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गुरुद्वारों का प्रबंधन केवल ‘गुरमत’ (सिख सिद्धांतों) के अनुसार ही किया जा सकता है; इसलिए, सरकारों को किसी भी तरह के हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
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