
कुरुक्षेत्र : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में मां भद्रकाली के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति ने मंदिर में चांदी के अश्व मां के चरणों में अर्पित किए। इस दौरान मंदिर के पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा गुरुजी ने उन्हें शक्ति उपासना के प्रतीक स्वरूप शक्ति त्रिशूल सहित विभिन्न धार्मिक स्मृति चिह्न भेंट किए। राष्ट्रपति ने मां भद्रकाली के दर्शन के साथ अपने कुरुक्षेत्र दौरे का शुभारंभ किया।
उनके साथ हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। रविवार सुबह करीब 9 बजे मंदिर पहुंचने पर पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा गुरुजी ने राष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मंदिर में प्रवेश के समय राष्ट्रपति ने प्रवेश द्वार पर स्थापित 105 किलोग्राम की घंटी बजाई। इसके बाद उन्होंने प्राचीन परंपरा के अनुसार श्री देवीकूप में मां सती का पूजन किया और परिक्रमा की। इसके उपरांत राष्ट्रपति ने चांदी के अश्व मां के चरणों में समर्पित किए।
राष्ट्रपति ने मंदिर के गर्भगृह में विराजमान स्वर्ण-रजत पोशाक से सुसज्जित मां भद्रकाली के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। मां के पवित्र चांदी चरणों का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद श्रद्धापूर्वक आरती की। इस अवसर पर पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा गुरुजी ने राष्ट्रपति को मंदिर की परंपराओं और शक्ति उपासना के प्रतीक स्वरूप शक्ति चुनरी, शक्ति त्रिशूल, मां की सिद्ध अष्टधातु से निर्मित अष्टभुजा स्वरूप पूजा विग्रह, शक्ति अंक, महिषासुरमर्दिनी शंख और प्रसाद भेंट किया।
उन्होंने राष्ट्रपति को माताओं को समर्पित महागौरव स्थल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रपति ने मंदिर समिति के सदस्यों के साथ सामूहिक छायाचित्र खिंचवाया। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्हें मां के चरणों में सेवा करने का अवसर मिल रहा है। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेंद्र वालिया, उपाध्यक्ष डॉ. एमके मौदगिल, डॉ. संजय शर्मा, स्नेहिल शर्मा, अन्नू पॉल, निकुंज शर्मा, मीना जोशी, सचिन गर्ग, आशीष दीक्षित और पर्जन्य गौड़ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।