
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में बीते करीब एक माह से बारिश न होने के चलते खेत खलिहान सूखे पड़े हुए हैं। ऐसे में जिला कुल्लू के अगर बात करें तो यहां पर भी सूखे ने अब किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिला कुल्लू में किसानों के द्वारा मक्की की फसल का कार्य अब पूरा कर दिया गया है और लोग अपने खेतों में गेहूं के साथ-साथ जो मटर और लहसुन की बिजाई करने वाले हैं। लेकिन आसमान से बारिश न होने के चलते इन फसलों की बिजाई का कार्य भी पूरी तरह से रुक गया है।
इसके अलावा अन्य सब्जियों के लिए भी बारिश होना काफी जरूरी है। वरना किसानों को सूखे के चलते खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिला कुल्लू की अगर बात करें तो यहां पर बीते 2 महीने से बारिश नहीं हो पाई है। जिसके चलते खेत खलिहान बिल्कुल सूखे पड़े हुए हैं। घाटी में सेब की बागवानी के बाद कृषि के क्षेत्र में भी लोग कार्य कर रहे हैं और इससे उन्हें आर्थिक रूप से भी काफी फायदा मिलता है। लेकिन बारिश न होने के चलते इन दोनों खेत खलिहान सूखे पड़े हुए हैं और लोग आसमान की ओर बारिश की राहत तक रहे हैं।
गौर रहे कि हिमाचल मानसून की विदाई के बाद रबी सीजन की तैयारियां शुरू हो गई है। हिमाचल प्रदेश में इस दौरान खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इस बार रबी सीजन में 7,15,300 मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में गेहूं, जौ, चना, मसूर और मटर की खेती के लिए क्षेत्रफल और उत्पादन के अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। कृषि उत्पादन कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 1651.70 हजार टन खाद्यान्न उत्पादन की परिकल्पना की गई है। इसमें अकेले रबी सीजन का योगदान 715.30 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।
किसान प्यारेलाल ने बताया कि अब मक्की का सीजन खत्म हो गया है और किसानों के द्वारा गेहूं की बिजाई की जानी है। लेकिन बारिश न होने के चलते वह अपने खेतों में रबी की फसल की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अगर 15 दिनों के भीतर घाटी में बारिश नहीं हुई तो इससे रबी फसल की बिजाई में देरी हो जाएगी और फसल पर भी इसका बुरा असर देखने को मिलेगा।
जिला कुल्लू की उझी घाटी के किसान तुले राम ने बताया कि वह बागवानी के साथ-साथ कृषि के क्षेत्र में भी कार्य करते हैं। गेहूं, जो, मटर और लहसुन यहां पर प्रमुख रूप से बीजा जाता है। इससे किसानों को अपने लिए भी राशन मिलता है और इसे बेचने से भी उन्हें आर्थिक रूप से लाभ मिलता है। लेकिन जिला कुल्लू में आसमान बीते दो माह से नहीं बरस पाए हैं और खेती के लिए पर्याप्त नमी भी पूरी तरह से गायब है। अब किसान आसमान की राह तक रहे हैं। ताकि बारिश हो और किसान अपने खेतों में रबी फसल की बिजाई कर सके।
📍 Location: Kullu (Kullu)