
भुवनेश्वर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी फैला रहे हैं। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
भुवनेश्वर में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार प्रगति कर रहा है, लेकिन विपक्ष को देश की तरक्की और बढ़ते आत्मविश्वास से परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में अपनी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी पिछले कई वर्षों से ओडिशा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार में सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पिछले 25 वर्षों से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है। वहीं, गुजरात में कांग्रेस 1995 से सत्ता में नहीं आई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी पार्टी 1990 के बाद से सरकार बनाने में सफल नहीं हुई है।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने पुराने चुनावी प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब पार्टी कई राज्यों में लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन कर रही है, तो चुनाव में हार के लिए चुनाव प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराना कहां तक सही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और उनमें सुधार करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नियुक्त करता है। वहीं, राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधियों के तौर पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करते हैं, जो मतदाता सूची की जांच और निगरानी करते हैं।
त्रिवेदी के मुताबिक, देशभर में चुनाव आयोग ने करीब 12 लाख BLO नियुक्त किए हैं, जबकि अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 22 लाख BLA इस प्रक्रिया से जुड़े हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर कांग्रेस को मतदाता सूची में गड़बड़ी नजर आ रही थी, तो उसके बूथ लेवल एजेंटों ने समय रहते आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई? क्या उन्होंने मतदाता सूची की ठीक से जांच नहीं की थी? त्रिवेदी ने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के पास मतदाता सूची की जांच करने और गलतियों पर आपत्ति जताने का मौका होता है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने एजेंटों की भूमिका भी स्पष्ट करनी चाहिए।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले INDIA गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित की थी। इस रैली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए थे।
इस रैली में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे। त्रिवेदी ने विपक्ष के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कुछ नेता संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सत्तारूढ़ गठबंधन के एक नेता और राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भी SIR से फायदा होने की बात कही है।