Last Updated: November 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

US Midterm Election 2026: ट्रंप की बढ़ेगी ताकत या डेमोक्रेट्स पलटेंगे बाजी? अमेरिकी मिडटर्म चुनाव पर दुनिया की नजर

November 3, 2026

US Midterm Election 2026: ट्रंप की बढ़ेगी ताकत या डेमोक्रेट्स पलटेंगे बाजी? अमेरिकी मिडटर्म चुनाव पर दुनिया की नजर

वॉशिंगटन: अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव (Midterm Elections) के लिए मतदान शुरू हो गया है। इन चुनावों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इनके नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने वाले दो साल के कार्यकाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपना बहुमत बरकरार रख पाएगी या डेमोक्रेटिक पार्टी सत्ता का समीकरण बदलने में कामयाब होगी?

अमेरिका के कई राज्यों में मतदान शुरू हो चुका है। फ्लोरिडा, जॉर्जिया, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, मिसौरी, साउथ कैरोलिना और वॉशिंगटन डीसी समेत कई इलाकों में मतदाता अपने वोट डाल रहे हैं। इससे पहले ओहायो और मेन जैसे पूर्वी तट के राज्यों में भी मतदान शुरू हो गया था।

चुनाव से पहले ही करीब 5.87 करोड़ लोगों ने डाला वोट

इस बार अमेरिकी चुनाव में वोटिंग को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। चुनाव के मुख्य दिन से पहले ही करीब 5.87 करोड़ मतदाता अपने वोट डाल चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 3.19 करोड़ लोगों ने मतदान केंद्रों पर जाकर अर्ली वोटिंग की, जबकि करीब 2.68 करोड़ लोगों ने डाक मतपत्र यानी मेल-इन बैलेट के जरिए मतदान किया। अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पहले से मतदान करने की सुविधा काफी लोकप्रिय हुई है। इस व्यवस्था के तहत मतदाता चुनाव के निर्धारित दिन से पहले ही अपना वोट डाल सकते हैं।

क्या होते हैं अमेरिका के मिडटर्म चुनाव?

अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है। राष्ट्रपति के कार्यकाल के ठीक बीच में होने वाले चुनावों को मिडटर्म इलेक्शन कहा जाता है। यानी राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर ये चुनाव होते हैं। इन चुनावों में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, बल्कि अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों के सदस्यों को चुना जाता है।

अमेरिकी कांग्रेस के दो सदन हैं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: यह अमेरिकी संसद का निचला सदन है। इसमें कुल 435 सीटें हैं और इस बार सभी सीटों पर चुनाव हो रहा है। इसके सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है। सीनेट: यह अमेरिकी संसद का ऊपरी सदन है। इसमें कुल 100 सीटें हैं। इस बार 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है। सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है।

हाउस और सीनेट में किस पार्टी के पास कितनी सीटें?

मौजूदा स्थिति में रिपब्लिकन पार्टी का अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी के पास 219 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 214 सीटें हैं। दो सीटें फिलहाल खाली हैं। वहीं, सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें हैं। डेमोक्रेट्स के पास 45 सीटें हैं और उन्हें दो निर्दलीय सीनेटरों का समर्थन हासिल है। इस बार चुनाव के नतीजों से तय होगा कि रिपब्लिकन पार्टी अपना बहुमत बचा पाती है या डेमोक्रेट्स को संसद के किसी एक या दोनों सदनों में बढ़त मिलती है।

डोनाल्ड ट्रंप के लिए क्यों अहम हैं ये चुनाव?

मिडटर्म चुनाव भले ही राष्ट्रपति चुनने के लिए नहीं होते, लेकिन इन्हें मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता की राय के तौर पर देखा जाता है। फिलहाल व्हाइट हाउस के साथ-साथ अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण है। इसका फायदा राष्ट्रपति ट्रंप को अपने राजनीतिक एजेंडे और प्रस्तावित कानूनों को संसद से पास कराने में मिलता रहा है।

लेकिन अगर डेमोक्रेट्स हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स या सीनेट में बहुमत हासिल कर लेते हैं तो ट्रंप प्रशासन के लिए अपने फैसलों और नीतियों को लागू कराना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में विपक्षी पार्टी सरकार के फैसलों पर सवाल उठा सकती है, विधेयकों को रोक सकती है और संसदीय समितियों के जरिए प्रशासन की जवाबदेही तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। यही वजह है कि इन चुनावों को ट्रंप के राजनीतिक प्रभाव और रिपब्लिकन पार्टी की ताकत की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

कब आएंगे चुनाव के नतीजे?

अमेरिका में मतदान खत्म होने के बाद मतगणना शुरू होगी। भारतीय समयानुसार शुरुआती रुझान देर रात और तड़के सामने आने की उम्मीद है। सबसे पहले उन राज्यों और सीटों के नतीजे आ सकते हैं, जहां मुकाबला एकतरफा माना जा रहा है। इसके बाद मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, ओहायो और मेन जैसे अहम राज्यों के नतीजों पर सबकी नजर रहेगी।

कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी होने की संभावना है। ऐसे में अमेरिकी मीडिया संस्थान शुरुआती वोटिंग के आधार पर चुनावी अनुमान जारी कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम नतीजे आने में समय लग सकता है। अगर हाउस और सीनेट की कई सीटों पर कड़ा मुकाबला रहा तो यह तय होने में अगले दिन तक का समय लग सकता है कि अमेरिकी कांग्रेस पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। कुल मिलाकर, 2026 के मिडटर्म चुनाव सिर्फ अमेरिकी सांसदों को चुनने का मौका नहीं हैं, बल्कि ये तय करेंगे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के अगले दो वर्षों में कितनी राजनीतिक ताकत के साथ काम कर पाएंगे।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें