
पंजाब डेस्क: तरनतारन जिले में आगामी त्योहारों को देखते हुए पटाखे चलाने को लेकर जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट राहुल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जिले में केवल ग्रीन पटाखे ही चलाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल के मौके पर आतिशबाजी के लिए समय भी निर्धारित कर दिया गया है।
प्रशासन ने प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। निर्धारित समय से पहले या बाद में पटाखे चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन आदेशों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना तथा आगजनी और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।
दिवाली से नए साल तक पटाखे चलाने का समय निर्धारित
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अलग-अलग त्योहारों के लिए पटाखे चलाने का समय तय किया गया है।
दिवाली (8 नवंबर): रात 8 बजे से 10 बजे तक।
गुरुपर्व (24 नवंबर): सुबह 4 बजे से 5 बजे तक और रात 9 बजे से 10 बजे तक।
क्रिसमस (24-25 दिसंबर): रात 11:55 बजे से अगले दिन रात 12:30 बजे तक।
नववर्ष (31 दिसंबर): रात 11:55 बजे से अगले दिन रात 12:30 बजे तक।
इन निर्धारित समयावधियों के अलावा पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। सभी त्योहारों पर केवल ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति, प्रतिबंधित आतिशबाजी पर रोक
जिला मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि जिले में केवल ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते हैं।
ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट के सिविल रिट याचिका नंबर 728/2015 (अर्जुन गोपाल बनाम भारत संघ एवं अन्य) में 23 अक्टूबर 2018 तथा 30 और 31 अक्टूबर 2018 को जारी आदेशों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 9 अक्टूबर 2020 के आदेश नंबर 249/2020 के अनुरूप हैं।
प्रशासन ने प्रतिबंधित पटाखों के निर्माण, भंडारण, खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए हैं। खासतौर पर विदेशों से आने वाली अवैध विस्फोटक सामग्री की खरीद और बिक्री को रोकने के लिए निगरानी रखने पर जोर दिया गया है।
स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थलों के पास आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने जिले के साइलेंस जोन में पटाखे चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इनमें शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, अदालतें और धार्मिक स्थल शामिल हैं।इन स्थानों के आसपास आतिशबाजी की अनुमति नहीं होगी। लोगों से अपील की गई है कि वे त्योहारों के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर शांति बनाए रखें।
प्रदूषण और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए फैसला
जिला प्रशासन के अनुसार त्योहारों के दौरान पटाखों और आतिशबाजी के कारण ध्वनि एवं वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। इसके अलावा आग लगने और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
प्रशासन ने अवैध विस्फोटक सामग्री में इस्तेमाल होने वाले पोटेशियम क्लोरेट जैसे खतरनाक रसायनों को लेकर भी चिंता जताई है। ऐसी सामग्री से बड़े विस्फोट हो सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होने की आशंका रहती है। इसका पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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