
अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बंदी छोड़ दिवस पर पूरी सिख दुनिया को बधाई दी और कहा कि यह ऐतिहासिक दिन हमें आजादी, भलाई और सच्चाई के लिए आवाज़ उठाने की प्रेरणा देता है।
अपने बधाई संदेश में एडवोकेट धामी ने कहा कि छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा ग्वालियर किले की जेल से 52 राजाओं को रिहा करना, उनके साथ, दुनिया के इतिहास में भलाई, न्याय और इंसानियत की भलाई का एक अनोखा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बंदी छोड़ दिवस का संदेश सिर्फ़ अपनी आज़ादी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों को गुलामी से आज़ाद करने और हर इंसान के अधिकारों की रक्षा करने की भावना से भी जुड़ा है।
उन्होंने संगत से अपील की कि वे इस पवित्र दिन पर गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन का आधार बनाएं और गुरबानी से जुड़ें और सेवा, ध्यान और दान की भावना को और बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बंदी छोड़ दिवस के मौके पर हमें जहां अपने आस-पास रोशनी करनी है, वहीं गुरबानी जाप और गुरमत विचारों से अपने मन को भी रोशन करना है।
गौरतलब है कि 8 नवंबर को शाम 5 बजे श्री अकाल तख्त साहिब के एक्टिंग जत्थेदार सिंह साहिब सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की दर्शनी देवरी से सिख समुदाय को संदेश देंगे। इस पवित्र दिन को समर्पित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में गुरमत समागम भी चल रहा है, जो 9 नवंबर तक चलेगा। इसी तरह, बंदी छोड़ दिवस के मौके पर 8 नवंबर की शाम को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब और श्री दरबार साहिब कॉम्प्लेक्स में सुंदर दीपमाला और आतिशबाजी भी दिखाई जाएगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...