Last Updated: November 8, 2026

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26 दिन बाद परविंदर झोटा का हुआ अंतिम संस्कार, परिवार ने नम आंखों से दी आखिरी विदाई

November 8, 2026

26 दिन बाद परविंदर झोटा का हुआ अंतिम संस्कार, परिवार ने नम आंखों से दी आखिरी विदाई

पंजाब डेस्क: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा का रविवार को 26 दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार ने अपने पैतृक गांव में स्थित खेत में उनका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। लोगों ने झोटा के पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए और ‘परविंदर झोटा अमर रहे’ के नारे लगाए।

चंडीगढ़ स्थित PGI से झोटा का पार्थिव शरीर मानसा लाया गया। सबसे पहले उनके शव को उस जगह ले जाया गया, जहां उनकी हत्या के बाद से लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद पार्थिव शरीर को घर ले जाया गया। आखिर में परिवार के खेत में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

पिता ने लगाए पुलिस और नेताओं पर गंभीर आरोप

परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने बेटे की हत्या के पीछे राजनीतिक नेताओं और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मानसा के SSP का तुरंत तबादला करने की मांग की है। भीम सिंह का आरोप है कि पंजाब सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से नशा तस्करों ने उनके बेटे की हत्या की साजिश रची थी।

उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल कुछ राजनीतिक लोग अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। परिवार की मांग है कि हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया जाए और इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भी स्थानीय पुलिस अधिकारी को बचाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये सभी आरोप हैं, जिनकी जांच होना बाकी है।

13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर में मारी गई थी गोली

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई थी। बताया गया कि झोटा की मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से एक बुजुर्ग को कथित तौर पर प्रतिबंधित दवाएं बेचने को लेकर बहस हो गई थी।

इस दौरान झोटा फेसबुक पर पूरी घटना का लाइव वीडियो बना रहे थे। तभी उन पर गोली चला दी गई। इस हमले में चार अन्य लोग भी घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।

परिवार ने 26 दिन तक नहीं कराया था पोस्टमार्टम

झोटा की हत्या के बाद परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। इसके चलते उनका पार्थिव शरीर मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था। परिवार लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। परिजनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी।

अब इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दोबारा केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। परिवार को उम्मीद है कि CBI जांच से हत्या के पीछे की पूरी साजिश सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 26 दिन के लंबे इंतजार के बाद परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार होने के साथ ही परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई दी। हालांकि, परिवार अब भी हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा होने और सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

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