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शिमला में गिले कूड़े से खाद बनाने के लिए बनेंगे चार प्लांट, IGMC के समीप बनेगा सबसे बड़ा 10 टन का प्लांट

शिमला : राजधानी शिमला में गिले कूड़े के सही निष्पदान कर उससे खाद बनाने के लिए चार प्लांट लगाने की योजना है। एमसी प्रशासन द्वारा आईजीएमसी के समीप, सब्जी मंडी, ढली सब्जी मंडी और एचपीयू में वैट वेस्ट प्लांट लगाए जाने हैं। इस योजना के तहत सबसे पहले आईजीएमसी के खाली पड़े पुराने इंसीनरेटर में 10 टन का प्लांट लगेगा, जिसके आईजीएमसी से इकट्ठा होने वाले गिले कूड़े सहित आसपास के क्षेत्रों से भी गिला कूड़ा जमा कर गाद बनाने का काम किया जाएगा। इसके अलावा सब्जी मंडी और ढली सब्जी मंडी में भारी मात्र में गिला कूड़ा होता है, जिसे भरयाल कूड़ा संयंत्र तक पहुंचाने में एमसी प्रशासन की खासी लागत लगती है। 

ऐसे में इन दोनों मंडियों में भी प्लांट लगाया जाएगा, ताकि यहां रोजाना होने वाले गिले कूड़े को यहीं पर सही निष्पादन हो और एमसी का खर्च भी बचे। वहीं इस योजना के तहत प्रदेश विवि में भी प्लांट लगाया जाएगा, जहां न सिर्फ विवि से होने वाले गिले कूड़े से खाद बनेगी, बल्कि आस पास एमसी के क्षेत्रों से भी उठने वाले गिले कूड़े का निष्पादन होगा। इन सभी प्लांट का संचालन कंपनी करेगी, यानी इसे ठेके पर दिया जाएगा। शहर की स्वस्थ्यता के लिए महत्वपूर्ण इस योजना के तहत आईजीएमसी में बनने लगने वाले प्लांट के लिए टैंडर कर दिया गया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके लिए तीन कंपनियों के आवेदन प्राप्त हुए है और जल्द ही टैंडर प्रक्रिया पूरी कर काम कंपनी को आवार्ड कर दिया जाएगा। बता दे कि मौजूदा समय में भरयाल में एमसी को कूड़ा संयंत्र चल रहा है, जहां कूड़े से बिजली बनाने जाने है और कूड़े से आरडीएफ तैयार कर सीमेंट कंपनियों को इंधन के तौर पर दिया जा रहा हैं। जबकि गिले कूड़े के लिए प्लांट बनने से एमसी गाद का उत्पादन कर सकेंगे और कूड़े का सही निष्पादन भी हो सकेंगे।

वैट वेस्ट प्लांट न होने के कारण स्वच्छता सर्वेक्षण में घटे अंक

बता दें कि शिमला शहर में सूखे कूड़े के निष्पादन के लिए भरयाल कूड़ा संयंत्र संचालित किया जा रहा हैं, लेकिन गिले कूड़े के निष्पादन के लिए शहर में उचित व्यवस्था नहीं हैं। लालपानी स्थित एटीपी में गिले कूड़े के लिए निष्पादन कर काम हो रहा है जो कि बहुत छोटे स्तर पर है। बता दें कि बीते साल स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का लालपानी को दौरा करवाया गया था, जिसके बाद टीम ने बड़े स्तर पर व्यापक व्यवस्था करने के दिशा निर्देश दिए थे। लेकिन कोई व्यवस्था व प्लांट न बनने की सूरत में टीम को दोबारा लालपानी का ही विजिट करवाया गया था, जो टीम की निराशा का कारण बनी और रैकिंग में अंकों का घाटा हुआ। ऐसे में एमसी प्रशासन द्वारा शहर में चार वैट वेस्ट प्लांट लगाने की तैयारी में है।

आयुक्त एमसी शिमला आशीष कोहली ने कहा कि शहर में चार जगहों पर वैट वेस्ट प्लांट लगाने की योजना हैं जिसके सबसे बड़ा प्लांट आईजीएमसी के समीप लगना है, जिसका टैंडर कर दिया गया है। जल्द ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर टैंडर आवार्ड कर दिया जाएगा। 


 

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