Makar Sankranti Devotees

मकर संक्रांति : गंगा-यमुना में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) : आज मकर संक्रांति के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इस मौके पर शहर से लेकर गंगा तक सुरक्षा व्यवस्था की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। शहर की तरफ आने वाले बड़े वाहनों को पहले ही निर्धारित स्थानों पर रोक दिया गया है। सूर्य के उत्तरायण होने से पहले मकर संक्रांति के प्रथम स्नान पर्व पर डुबकी लगाने के लिए बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा था। शुक्रवार को प्रथम पुण्य की डुबकी के साथ ही संगम पर मास पर्यंत चलने वाले जप-तप, ध्यान के मेले का आरंभ हो गया। बता दें कि इस बार 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति होने से श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति है। गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के तट पर भगवान सूर्य के उत्तरायण होते ही प्रथम स्नान पर्व की डुबकी आरंभ हो गई। हालांकि मकर संक्रांति के स्नान के लिए देश के कोने-कोने से संतों-भक्तों से पहुंचने का सिलसिला कड़ाके की ठंड के बीच शुरू हो चुका था। इस मौके पर बृहस्पतिवार को दिन भर पांटून पुलों से कल्पवासियों के वाहन फूस, अलाव की लकड़ी और गृहस्थी के सामानों के साथ उतरते रहे। 



इस मौके पर देर रात कर संतों, तीर्थपुरोहितों के शिविरों में हजारों कल्पवासियों ने डेरा डाल दिया था। इस मौके पर मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही मेला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। संगम से लेकर ओल्ड जी.टी. रोड के बीच गंगा के दोनों तटों पर 12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर्व पर स्नान होगा। इस दौरान सेक्टर 5 में इस मेले में काफी संख्या में आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की संस्थाओं के शिविर लगाए गए हैं। इस मौके पर मेला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल के बीच स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मेले के सभी 16 प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। 



इसके अलावा प्रत्येक सेक्टर में 12 सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं कल्पवासियों की आरटीपीसीआर जांच करेंगी। इसके अलावा कोविड-19 के टीकाकरण और सैंपलिंग के लिए भी केंद्र बनाए गए हैं। इस बार मकर संक्रांति शुक्रवार की रात 8 बजकर 49 मिनट पर लगेगी। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे, लेकिन उदया तिथि की मान्यता की वजह से मकर संक्रांति का पुण्यकाल शनिवार को माना जाएगा। इस दिन शनि प्रदोष का संयोग मकर संक्रांति पर सोने पर सुहागा के रूप में देखा जा रहा है। शनि प्रदोष में तिल का दान और हवन करने से पुण्य की प्राप्ति का योग है। इस तिथि पर मृगशिरा नक्षत्र में चंद्रमा उच्च की कक्षा में विराजमान रहेंगे। इसी दौरान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

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