Dainik Savera Times

Ajab-Gajab: क्या कुत्ते सच में देख सकते हैं भूत? जानिए इसके पीछे का असली सच

Can dogs see ghosts

Ajab Gajab News: अक्सर रात के समय कुत्तों का बिना किसी स्पष्ट कारण के भौंकना, किसी खाली जगह को घूरते रहना या अचानक डर जाना लोगों के मन में यह सवाल पैदा करता है। क्या कुत्ते भूत-प्रेत या अदृश्य शक्तियों को देख सकते हैं? यह सवाल सदियों से लोककथाओं, धार्मिक ग्रंथों और अब आधुनिक विज्ञान तक में चर्चा का विषय बना हुआ है।

धार्मिक और शास्त्रीय दृष्टिकोण क्या कहता है?

हिंदू शास्त्रों में कुत्तों को साधारण पशु नहीं माना गया है। मनुस्मृति और पुराणों के अनुसार पशु-पक्षियों की इंद्रियां मनुष्य की तुलना में कहीं अधिक तीव्र होती हैं। वे सूक्ष्म तरंगों, कंपन और ऊर्जाओं को महसूस कर सकते हैं, जिन्हें आम इंसान नहीं समझ पाता।

गरुड़ पुराण में उल्लेख मिलता है कि मृत्यु के बाद आत्मा सूक्ष्म शरीर में विचरण करती है। माना जाता है कि कुत्ते इस सूक्ष्म उपस्थिति को महसूस करने की क्षमता रखते हैं। वहीं यजुर्वेद में कुत्तों को रक्षक कहा गया है ऐसे रक्षक जो केवल भौतिक नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों से भी रक्षा करते हैं।

महाभारत और पुराणों में कुत्ते का प्रतीकात्मक महत्व

महाभारत की प्रसिद्ध कथा में युधिष्ठिर के साथ स्वर्ग तक जाने वाला कुत्ता अंत में धर्मराज यम का रूप सिद्ध होता है। इस कथा ने कुत्ते को परलोक, धर्म और अदृश्य संसार से जोड़ दिया। शिव पुराण में भी यह उल्लेख मिलता है कि कुत्ते श्मशान और तंत्र-साधना स्थलों के आसपास अधिक दिखाई देते हैं, क्योंकि वे वहां मौजूद सूक्ष्म ऊर्जाओं को महसूस कर पाते हैं।

Can dogs see ghosts
Can dogs see ghosts

तंत्र शास्त्र और लोक मान्यताएं

तंत्र विद्या में कुत्तों को सूक्ष्म लोक के द्वारपाल के रूप में देखा जाता है। काल भैरव का वाहन कुत्ता माना गया है, जो नकारात्मक और अदृश्य शक्तियों को पहचानने में सक्षम होता है। कुछ तांत्रिक परंपराओं में यह विश्वास है कि यदि कोई कुत्ता किसी स्थान पर बार-बार रोता या लगातार भौंकता है, तो वहां नकारात्मक ऊर्जा या आत्माओं की उपस्थिति हो सकती है। अघोर परंपरा के अनुसार कुत्ते ऊर्जा और आत्माओं की “गंध” को पहचान सकते हैं।

ये भी पढ़ें: ‘BIGG BOSS 19’ के विनर को बड़ा झटका, 24 घंटे के अंदर ही बंद हुआ गौरव का यूट्यूब चैनल 

विज्ञान क्या कहता है?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण इन मान्यताओं को अलग तरह से समझाता है। विज्ञान के अनुसार कुत्तों की सुनने की क्षमता इंसान से कई गुना अधिक होती है और सूंघने की शक्ति बेहद तेज होती है। बता दें कि वे हल्के कंपन, अल्ट्रासोनिक ध्वनियां और वातावरण में होने वाले सूक्ष्म बदलाव तुरंत महसूस कर लेते हैं अक्सर कुत्ते जिन चीजों पर प्रतिक्रिया देते हैं, वे हो सकती हैं:

चूहों या कीड़ों की आवाजें

दूर से आती अल्ट्रा-हाई फ्रिक्वेंसी ध्वनियां

मौसम या वायु दाब में बदलाव

इन्हीं कारणों से वे खाली जगहों की ओर देखकर भौंकते या डर जाते हैं, जिसे इंसान “अदृश्य शक्ति” मान लेता है।

Exit mobile version