नई दिल्ली: देश की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल वंदे भारत ट्रेन अपने अच्छे सफर और खाने की सुविधा के लिए जानी जाती है। लेकिन हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें खाने की क्वालिटी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। वीडियो में एक यात्री को दही में कीड़ा मिला, लेकिन जब उसने शिकायत की तो ट्रेन के स्टाफ ने उसे “केसर” बता दिया। इस जवाब से यात्री नाराज हो गया और ट्रेन में बहस शुरू हो गई।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना ट्रेन नंबर 21896 (पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) की बताई जा रही है। यात्री को जो दही दी गई थी, वह एक्सपायर हो चुकी थी। बताया गया कि दही 4 मार्च की थी, यानी खराब हो चुकी थी, जिसके कारण उसमें कीड़े पड़ गए थे।
जब यात्री ने इस पर सवाल उठाया, तो स्टाफ ने पहले सही तरीके से जवाब नहीं दिया और मामले को हल्के में लिया। इससे यात्री और नाराज हो गया। उसने पूछा कि अगर इस खाने से किसी को फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो जिम्मेदारी कौन लेगा।
Maggots found in curd served in Vande Bharat train. See how the attendant tries to cover it up saying it’s kesar not worms😂
Literally there is no way you can escape amrit kaal. pic.twitter.com/n0JrDZejV9— SDutta (@KhelaHobePart2) March 25, 2026
शिकायत के बाद क्या हुआ?
ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों ने भी शिकायत का समर्थन किया। इसके बाद स्टाफ ने फोन करके शिकायत दर्ज की। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे रेलवे की फूड क्वालिटी पर सवाल उठने लगे।
रेलवे ने क्या कार्रवाई की?
मामले को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्रालय ने जांच की और सख्त कदम उठाए। IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। फूड सर्विस देने वाली कंपनी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगा, साथ ही उस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का आदेश दिया गया। रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और खाने की क्वालिटी उनकी पहली प्राथमिकता है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
The complaint regarding food quality raised by a passenger in train number 21896 (Patna – Tatanagar Vande Bharat Express) on 15 March 2026 has been taken seriously. Action taken — IRCTC has been penalised ₹10 lakh, the service provider has been penalised with ₹50 lakh, and…
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) March 25, 2026
क्या है सबक?
इस घटना से साफ है कि पैक्ड फूड होने के बावजूद क्वालिटी चेक बहुत जरूरी है। साथ ही, अगर कोई समस्या सामने आती है तो कर्मचारियों को उसे गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत समाधान करना चाहिए।

